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मवेशियों से टकराकर घायल हो रहे वाहन सवार, अफसरों को नहीं परवाह

 
 

 
पिछले दस दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों और खाली प्लाटों में पानी भर जाने से दिनारा कस्बे से निकलने नेशनल हाईवे 27 पर मवेशियों का जमावड़ा बना हुआ है। इन मवेशियों को पकड़कर कस्बे के बाहर भेजने की अभी तक कस्बे पंचायत के अधिकारियों ने कोई ठोस योजना नहीं बनाई है। जिसके कारण हाईवे और बाजार की सड़कों पर आवागमन करने वाले वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। गौरतलब है कि बारिश के चलते खेत और कच्चे मैदानों की मिट्टी गीली होने के कारण अब मवेशियों ने सूखी जगह के लिए नेशनल और स्टेट हाईवे और बाजार की सड़कों को एक प्रकार से अपना घर बना लिया है।

दिन के समय भोजन की तलाश में इधर-उधर भटकने के बाद शाम होते ही दिनारा कस्बे के नेशनल हाईवे 27 पुराने थाने, डाक बंगला श्री कृष्णा अशोक होटल चौराहा सहित बाजार की सड़कें सहित स्टेट हाईवे पर डेरा जमा लेते हैं। वहीं दिन के समय भोजन की तलाश में कस्बे की कॉलोनियों और बाजार में घूमने के दौरान यह मवेशी कई लोगों को सींग मारकर घायल कर चुके हैं।

रात में वाहन चालकों को हाईवे पर दिखाई नहीं देते हैं मवेशी, होते हैं हादसे
दिनारा निवासी बृजेश दुबे संतोष सावला संतोष वर्मा सुमित , केशव सिंह आदि का कहना है कि नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और बाजार के मुख्य मार्गों पर रात के समय सबसे अधिक दुर्घटनाएं सामने आ रही है। दरअसल वाहनों की लाइटों में आवारा मवेशी नहीं दिखते हैं, वहीं वाहनों की तेज गति होने के चलते चालक इन मवेशियों से टकरा जाते हैं,जिससे दुर्घटनाएं हो रही है। हादसे में ज्यादातर नुकसान सड़क पर बैठे आवारा मवेशी को होता है। कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।

कस्बे में नहीं है एक भी शासकीय गोशाला
दिनारा स्थानीय लोग बताते हैं कि कस्बे में आवारा मवेशियों के लिए एक भी शासकीय गोशाला नहीं है। इसके अलावा पंचायत की ओर से अभी तक गोशाला निर्माण के लिए कोई कार्य योजना तैयार भी नहीं की गई है। इसी क्रम में रामपाल पटेल दिनारा निवासी भगवान सिंह, संतोष सिंह, राजेश यादव आदि बताते हैं कि खेत और खाली प्लाटों में पानी भर जाने से मवेशियों ने स्टेट हाईवे को अपना नया घर बना लिया है। दिनारा में गोशाला नहीं होने से यह मवेशी सड़कों पर घूम रहे हैं। इस वजह से हादसे हो रहे हैं।

फसल बचाने के लिए कस्बे में छोड़ जाते हैं मवेशी
किसान रामपाल पटेल इंदर यादव अरविंद यादव का कहना है कि यह आवारा मवेशी हमारी खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इन मवेशियों से फसल बचाने के लिए किसानों को मजबूरी में मवेशियों को गांव से बाहर करना पड़ता है। अपनी फसलों को बचाने के लिए खेतों के चारों ओर तार फेंसिंग कर रखी है। लोगों का कहना है कि इन दिनों खेतों में धान की फसल खड़ी हुई है। इस फसल को मवेशियों से बचाने के लिए किसान मवेशियों को गांव से कस्बे में छोड़ जाते हैं।

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