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ग्वालियर : भाजपा नेता ने कलेक्टर-SP से की शिकायत

 

 भितरवार में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस कप्तान अमित सांघी को पूरी घटना से अवगत कराते भाजपा नेता बलदेव अग्रवाल 

ग्वालियर में बाढ़ का पानी उतरा भी नहीं है और अवैध उत्खनन शुरू हो गया। भितरवार के सासन गांव में पहाड़ीसे अवैध उत्खनन कर रहे माफियाओं की शिकायत करने पर BJP के जिला महामंत्री बलदेव अग्रवाल पर जानलेवा हमले की साजिश रची गई। बाढ़ प्रभावित लोगों को खाना खिलाकर लौट रहे भाजपा नेता को बाइक सवार बदमाशों ने घेर लिया। उनकी कार के आगे अपनी गाड़ियां अड़ा दी।

भाजपा नेता के चालक ने समझदारी दिखाते हुए गाड़ी नहीं रोकी और कट मारकर दूसरे रास्ते पर भगा दी। सीधे भितरवार पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। घटना भितरवार के वार्ड-15 सासन गांव की है। पुलिस ने जब मामले में FIR नहीं की तो भाजपा नेता ने कलेक्टर व एसपी का रास्ता रोककर शिकायत की है। उन्होंने तत्काल पूरे मामले में जांच का आश्वासन दिया है। भितरवार निवासी बलदेव अग्रवाल व्यापारी हैं, साथ ही वह BJP में जिला महामंत्री भी हैं। भितरवार में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की दिन रात मदद करने में लगे हैं। नगर के वार्ड क्रमांक-15 सासन में वह लोगों को भोजन वितरण करने गए थे। शाम के समय जब भाजपा नेता बलदेव अग्रवाल वापस लौट रहे थे तभी पुलिया के पास डडूमर गांव के अशोक सिंह यादव, मनोज सिंह, इनके साथ 8-10 लोगों ने घेर लिया। कार के सामने बाइकें अड़ा दीं। पर BJP नेता की गाड़ी के चालक ने खतरा महसूस किया तो गाड़ी को नहीं रोका। उसने तत्काल पुलिया से नीचे कच्चे रास्ते पर गाड़ी डाल दी और सीधे दौड़ाता हुआ भितरवार थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे हमले की जानकारी दी। पुलिस ने आवेदन लेकर जांच का आश्वासन दिया। पर इस कार्रवाई से वह संतुष्ट नजर नहीं आए। तभी शाम को कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह और पुलिस कप्तान अमित सांघी भी भितरवार के दौरे पर थे। जिसके बाद भाजपा नेता ने उनका रास्ता रोककर अपने ऊपर हमले के प्रयास से अवगत कराया। साथ ही पुलिस पर कोर्रवाई न करने का आरोप लगाया। कलेक्टर-एसपी ने दोनों ने उन्हें तत्काल मदद का आश्वासन दिया है।

अवैध उत्खनन की शिकायत पर हुआ हमला

BJP जिला महामंत्री बलदेव अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले सासन गांव के बाहर दो पहाड़ी पर मुरम की अवैध खुदाई का विरोध किया था और SDM भितरवार से शिकायत कर काम बंद करवाया था। इसी कारण दूसरा पक्ष उनसे नाराज है और हमला करने आया था। यह दो पहाड़ियों पर ही लोगों ने बाढ़ आने की स्थिति में शरण ली थी।

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