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नवाचार से स्वाबलंबन:छह माह पहले जो जरूरतमंद थीं, अब बनीं मददगार; लॉकडाउन में महिलाओं को दिलाई ट्रेनिंग, अब अपने पैरों पर हुई खड़ीं

 


शिवपुरी लॉकडाउन के दौरान जिन महिलाओं का काम छूटा, उनके घर का कमाऊ सदस्य असमय काल के गाल में समाया या पति ने साथ रखने से छोड़ दिया उन महिलाओं के लिए परिवार परामर्श केंद्र की टीम ने मदद कर 6 महीने में रोजगार के नए अवसर देकर उन्हें पैरों पर खड़ा किया। खास बात यह है कि मार्च 2021 में जब आईजी अविनाश शर्मा शिवपुरी आए थे तो उन्होंने पांच सिलाई मशीन अपनी ओर से देकर जरूरतमंद महिलाओं के लिए कुछ करने का संदेश दिया। इसके बाद साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर श्रद्धा खरे ने इन महिलाओं के लिए कार्य योजना तैयार कर 40 महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण से शुरुआत की और आज यह महिलाएं न केवल सिलाई में दक्ष हो गई है वरन इन्हें उपहार में सिलाई मशीन भी प्रदान की गई। ताकि यह खुद आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन सके।

इससे पूरे समाज में जाएगा बेहतर संदेश: आईजी

आईजी अविनाश शर्मा ने कहा कि यदि ऐसे पढ़े लिखे युवा समाज में बदलाव की बयार ले आए तो इससे महिलाएं और अधिक सशक्त होंगी। स्वागत भाषण आलोक एम इंदौरिया ने दिया जबकि कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी समीर गांधी और श्वेता राहुल गंगवाल ने किया। आभार प्रदर्शन प्रीति जैन ने व्यक्त किया।

परिवार परामर्श केंद्र के 31 सदस्यों से बनी टीम, खुद के प्रॉडक्ट बना रहीं महिलाएं

गायत्री परिवार व तथागत फाउंडेशन के साथ मिलकर एसपी राजेश सिंह चंदेल ने जरूरतमंद महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनाने यह नई पहल की शुरुआत की। परिवार परामर्श केंद्र के अंतर्गत समझौते के दौरान जो पत्नी-पति से अलग रहकर जैसे तैसे अपना जीवन गुजर बसर करती थी।

ऐसे में लॉकडाउन के दौरान काम ना मिलने से जब इन महिलाओं की आर्थिक स्थिति बिगड़ी तो इन महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया, मास्क, सैनिटाइजर, गटागट गोलियां, कॉफी, वाशिंग पाउडर, मंजन, बैग आदि बनाने की ट्रेनिंग दिलाई। नतीजा यह हुआ कि 6 महीने में यह महिलाएं अब खुद अपने प्रोडक्ट बनाकर बाजार में वह बेच सकेगी। इस दौरान समाजसेवी दीवान अरविंद लाल और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।​​​​​​​

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