प्राचार्य महोदय यह आपके संकुल की शिकायत है। जिसमें मॉडल स्कूल का चौकीदार सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर रहा है कि उसे वेतन का भुगतान नहीं हुआ। आखिर क्यों नहीं बताएं। तो जबाब में संकुल प्राचार्य बोले कि जेम पोर्टल से चपरासी रखा था। इसका वेतन वहीं से नहीं निकला है। तो जबाब में डीईओ संजय श्रीवास्तव बोले कि जेम पोर्टल चपरासी रखने की इजाजत नहीं देता, फिर किस आधार पर आपने चपरासी रखा। अब उसके वेतन भुगतान न होने की शिकायत है तो इसे तुम खुद भुगतो।
दरअसल उत्कृष्ट विद्यालय शिवपुरी में जिले के संकुल प्राचार्याे और बीईओ की बैठक का आयोजन नवागत डीईओ संजय श्रीवास्तव ने किया। दोपहर 2 बजे से शुरु होकर यह बैठक 4.30 बजे तक चली जिसमें डीईओ ने दाे टूक चेतावनी देते हुए सभी प्राचार्य और बीईओ को कहा कि जो लापरवाही आपने कर ली वह आगे नहीं चलेगी। पूरे 7 दिन का समय आपको देता हूं। जिस जिस संकुल में बीईओ और प्राचार्य ने अनावश्यक शिकायतों को रोक रखा है उनका समाधान कर दें वरना 7 दिन बाद आप कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
सीएम हेल्पलाइन की मॉनीटरिंग स्वयं सीएम करते हैं तुम सीएम की नहीं सुन रहे तो किसकी सुनोगे
- डीईओ संजय श्रीवास्तव ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की मॉनीटरिंग स्वयं सीएम करते हैं तुम सीएम की नहीं सुन रहे तो किसकी सुनोगे। यदि काम करना नहीं आता पद से हट जाइए। दूसरे को चार्ज दीजिए लेकिन लापरवाही मत करिए।
- करैरा के दिनारा संकुल अंतर्गत आने डामरोन कला के एक शिक्षक के वेतन भुगतान संबंधी शिकायत पर जब संकुल प्राचार्य से पूछा कि यह क्यों लंबित है तो वह बोले कि स्कूल प्राचार्य सुनता नहीं है तो जवाब में डीईओ बोले- यह बताओ प्राचार्य जी, उनका वेतन कौन निकालता है। आप, तो फिर उसका वेतन रोककर उसे सबक सिखाएं, यहां बहाने मत बनाइए। सीएम हेल्पलाइन को गंभीरता से लेने की शुरुआत कर दीजिए।
कहीं छात्रवृत्ति के भुगतान न होने की शिकायतें तो कहीं किताबें और अतिथि शिक्षकों ने मानदेय न देने की बात कही
उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में आयोजित हुई बैठक के दौरान डीईओ ने जब शिकायतों का स्टेटस देखा तो कहीं छात्रवृत्ति के भुगतान न होने की शिकायतें तो कहीं किताबें और अतिथि शिक्षकों ने मानदेय न देने की बात उनमें शामिल थी। इस पर प्राचार्यो से डीईओ बोले कि तुम सब 1 हजार रुपए प्रतिदिन कमाने वाले हो। एक भी प्राचार्य को इससे कम मिलते हों तो वह हाथ खड़ा करे, लेकिन किसी का हाथ खड़ा नहीं हुआ तब डीईओ श्रीवास्तव बोले तुम एम ए एमएससी बीएड और एम एड शिक्षित हो, शुक्र मनाओ की बच्चों को शिक्षित करने को जॉब तुम्हे मिला है। यदि सरकार शिक्षक न बनाती तो तुम भी किसी खंबे पर धूप चढ़कर रोज की 100-200 रुपए मजदूरी पाते। इसलिए सुधर जाओ और किताबें तो बच्चों को उपलब्ध कराओ। छात्रवृत्ति उन्हें दिलाओ। आगे इन शिकायतों का निराकरण नहीं तो कार्रवाई को तैयार रहो।

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