ग्वालियर. पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ने के कारण इनके स्थान पर लोग वाहनों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और घरेलू गैस के तौर पर पीएनजी गैस का उपयोग बढ़ा रहे हैं। शहर इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन भी बढ़ा है। ग्वालियर में कुल रजिस्टर्ड वाहन 1 लाख 72 हजार 840 हैं, इनमें से करीब 12 प्रतिशत यानि 17,284 वाहन सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक किट वाले हैं।
किस सेक्टर में महंगाई से क्या हुआ असर और क्या आया बदलाव
- पेट्रोल: शहर में रोज 3 लाख लीटर खपत है। कुछ महीने पहले यह खपत 3.35 लाख लीटर तक थी। ग्वालियर में अभी 55,700 पेट्रोल गाड़ियां है।
- डीजल: पिछले साल सितंबर में खपत 4.50 लाख लीटर प्रतिदिन होती थी, जो अब 4 लाख लीटर रह गई है। जिले में डीजल वाहन 96 हजार 200 हैं।
- सीएनजी: रोज 30 से 35 हजार किलोग्राम बिक रही है। 3-4 महीने पहले 25 हजार किलोग्राम बिकती थी। शहर में अभी 7,650 सीएनजी वाहन हैं।
- गैस: सिलेंडर की रिफलिंग 10-12% घटी है, क्योंकि पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) के 27 हजार ग्राहक हो गए हैं।
- इलेक्ट्रिक: अभी 2,890 इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हैं। प्रशासन अब इनके लिए चार्जिंग प्वाइंट लगवाने की तैयारी कर रहा हैे।
हां खपत कम हुई
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के कारण मांग व खपत घटी है। ये परिवहन एवं उपक्रमों के पूरी तरह शुरू न होने का भी असर है। सीएनजी की मांग भी बढ़ रही है।
- अमित सेठी, जिला संयोजक, एम्पावरिंग पेट्रोलियम डीलर्स फांउडेशन (नई दिल्ली)

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