जिला पुरातत्व एवं पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के प्रभारी अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि पर्यटन विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थानीय एंव विदेशी पर्यटकों को प्रदेश में नवीन पर्यटन अनुभव प्रदान करने एवं सतत पर्यटन (सस्टेनेबल टूरिज्म) स्थापित करने हेतु अभिनव प्रयास किये जा रहे हैं। पर्यटकों को प्रदेश में वैकप्लिक आवासीय व्यवस्था (अल्टरनेट अकोमोडेशन) प्रदाय करने हेतु होमस्टे संबंधी नीतियों को लागू किया गया है।
पर्यटन विभाग द्वारा पंजीकृत इकाइयों को अपने प्रचार-प्रसार हेतु निश्चित अतिथि आवास पूर्ण करने, इकाई में उपलब्ध सुविधाओं को बढ़ाने हेतु वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त पंजीकृत इकाइयों को डिजीटल मार्केटिंग, प्राईसिंग- प्रमोशन हेतु तकनीकी सहायता, इकाई में कार्यरत मानव संसाधन की क्षमता वृद्धि एवं राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ट्रेवल मार्ट एवं कार्यशालाओं में सहभागिता करने का अवसर प्रदान करता है। होमस्टे संबंधी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय हितधारकों के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिसमें विशेषकर गृहिणियां स्थानीय युवा, टूर-ट्रेवल्स, गाईड, नेचुरलिस्ट, हेरिटेज सम्पत्तियां, पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से जुड़े हुए विशेषज्ञ, सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय व्यवसायी, ग्रामीण स्व-सहायता समूह, पंजीकृत पर्यटन सोसाइटी, स्थानीय कला एवं हस्तकला के कारीगर, स्थानीय खानपान के विशेषज्ञ, उन्नत तकनीक का उपयोग करने वाले कृषक आदि सम्मिलित हैं। आवेदकों की बढ़ती संख्या एवं पंजीकरण को आसान बनाने के उद्देश्य से पंजीकरण की ऑनलाइन व्यवस्था निर्मित की गई है। इस हेतु एमपी ऑनलाइन द्वारा होमस्टे पोर्टल का निर्माण किया गया है जिसके माध्यम से इच्छुक व्यक्ति स्वयं अथवा एमपी ऑनलाइन के माध्यम से अपने स्थल से आवेदन कर सकेगा।
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