शिवपुरी के बैराड़ कस्बे के ठगोरे व्यापारी ने पहले तो बाजार में अच्छी छवि बनाकर लाखों रुपए का कर्ज ले लिया। बाद में जब कर्जदारों ने पैसा वापस मांगे, तो उसने जहर खाकर खुदकुशी की धमकी दी। सभी कर्जदारों को केस में फंसाने की बात कहते हुए फरार हो गया। डरे सहमे कर्जदारों को मुश्किल से बचने के लिए मंत्री की मदद लेनी पड़ी, तब कहीं जाकर शुक्रवार को थाने में सुनवाई हो पाई। लोगों का कहना है कि ठग पर 75 लाख रुपए का कर्ज है।
कस्बे में रहने वाला संतोष पुत्र मुन्नालाल ओझा कपड़े के शो-रूम के साथ-साथ कई काम करता था। उसकी अपनी छवि ऐसी बना रखी कि बाजार में कोई भी उसे पैसों के लिए मना नहीं करता था। यही वजह रही कि उसने कभी व्यापार बढ़ाने के नाम पर, तो कभी बेटे और भाई की बीमारी के नाम पर लाखों रुपए का कर्ज लिया। इसके एवज में किसी को चेक दिया, तो किसी के साथ लिखा पढ़ी कर ली, लेकिन किसी का कर्ज वापस नहीं किया। जब कर्जदारों ने दबाब बनाया, तो महीनेभर पहले जहर खा लिया। इलाज कराने के नाम पर प्रदेश छोड़ कर भाग गया।
वहीं, दूसरी ओर पत्नी के माध्यम से डाक द्वारा पुलिस को कर्जदारों की नामजद शिकायत दर्ज करा दी कि उक्त लोग पति पर कर्ज वापस मांगने के लिए दबाब बना रहे थे, इसलिए पति ने जहर खा लिया है। अगर उन्हें कुछ होता है या भविष्य में भी वह खुदकुशी करते हैं, तो उसके लिए उक्त लोग ही जिम्मेदार होंगे। ऐसे में बाजार के वह 16 व्यापारी उल्टा मुश्किल में फंस गए। वह पीडब्ल्यूडी मंत्री सुरेश राठखेड़ा से मिले। उन्हें परेशानी से अवगत कराया। शुक्रवार को संतोष सहित उसके भाई अंकेश व हेमराज पर अमानत में खयानत सहित धोखाधड़ी का मामला दर्ज हो पाया।
भागने से पहले बेची दुकान व कार
लोगों का कहना है कि संतोष ने बैराड़ से भागने से पहले कस्बे की तीनों दुकानों के साथ-साथ कार भी बेच दी। बताया जा रहा है कि इस संपत्ति से भी उसने 15 से 20 लाख रुपए अर्जित किए थे, परंतु किसी का पैसा लौटाने के बजाय वह पैसे लेकर भाग गया।
काउंटी क्रिकेट के खेल ने बनाया कर्जदार
लोगों का यह भी कहना है कि संतोष जल्द करोड़पति बनना चाहता था। इस कारण काउंटी क्रिकेट का लाइव सट्टा खेलने लगा था। इसी के लिए बाजार से कर्ज उठाया था। पैसा यहीं हार गया।
75 लाख रुपए लेकर भागा है
टीआई सतीश चौहान ने बताया कि कस्बे के लोगों से कलेक्शन करके संतोष भाग गया है। कलेक्शन की गई राशि 75 लाख रुपए की है। आरोपी संतोष की पत्नी ने शिकायती आवेदन भेजा था कि कर्जदार दबाब बना रहे हैं। इसके कारण पति आत्महत्या कर सकते हैं। उक्त लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पैसा लेकर उसके भाई आते थे, इस वजह से वह भी आरोपी बनाए गए हैं।


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