MP बोर्ड की 10वीं और 12वीं की 6 सितंबर यानी सोमवार से विशेष परीक्षा शुरू हो रहीं हैं। यह परीक्षा इस साल के परीक्षा परिणाम से नाखुश छात्रों के लिए है। इसमें कुल 18 लाख छात्रों से 14 हजार ही छात्र शामिल हो रहे हैं। खास बात यह है कि 10वीं में कुल 9 हजार छात्रों में से मुरैना, भिंड, सतना और ग्वालियर से ही साढ़े 4 हजार छात्र बैठ रहे हैं, जबकि भोपाल और इंदौर के 700 में छात्र हैं।
10वीं में करीब 10 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। इसी तरह 12वीं में भिंड और इंदौर में सबसे ज्यादा करीब 600 छात्र शामिल हो रहे हैं, जबकि 5 हजार में से शेष प्रदेश भर के हैं। 12वीं की परीक्षा में करीब 7 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। 10वीं की परीक्षा 6 सितंबर से लेकर 15 सितंबर तक और 12वीं की परीक्षाएं 21 सितंबर तक चलेंगी।
मंडल के पीआरओ एसके चौरसिया ने बताया कि दोनों का समय सुबह 9 बजे से 12बजे तक रहेगा। दोनों परीक्षाएं एक साथ होंगी। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र एमपी ऑनलाइन के पोर्टल पर अपना प्रवेश पत्र ले सकेंगे। नियमित एवं प्राइवेट छात्रों की प्रयोगिक परीक्षाएं उन्हें आवंटित केंद्र पर परीक्षा अवधि के दौरान ही होंगी। मंडल की वेबसाइट www.mpbse.nic.in पर भी जानकारी उपलब्ध है।
शर्त के कारण बच्चे नहीं बैठ रहे
कोरोना के कारण परीक्षा नहीं हुई थी। 10वीं और 12वीं में सभी बच्चों को पास कर दिया गया। ऐसे में कानूनी झमेले से बचने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने रिजल्ट से नाखुश छात्रों के लिए विशेष परीक्षा का विकल्प दिया, लेकिन इसमें रखी गई एक शर्त के कारण अधिकतर बच्चों ने इससे दूरी बना ली है। परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को फॉर्मूला से बनी मार्क सीट नहीं दी जाएगी। परीक्षा देने से बच्चों को रिजल्ट खराब होने की आशंका है। इस कारण छात्रों ने इससे दूरी बनाई।
यहां 10वीं सबसे ज्यादा छात्र बैठ रहे
| जिला | 10वीं | 12वीं |
| मुरैना | 2583 | 338 |
| भिंड | 1092 | 185 |
| सतना | 543 | 166 |
| ग्वालियर | 511 | 278 |
| रीवा | 366 | 19 |
यहां 10वीं सबसे कम छात्र बैठ रहे
| जिला | 10वीं | 12वीं |
| मंडला | 12 | 71 |
| हरदा | 14 | 32 |
| बुरहानपुर | 14 | 22 |
| बड़वानी | 21 | 68 |
| दमोह | 21 | 97 |
बड़े शहरों की स्थिति
| जिला | 10वीं | 12वीं |
| ग्वालियर | 511 | 278 |
| इंदौर | 344 | 321 |
| भोपाल | 249 | 160 |
| जबलपुर | 195 | 160 |
| सागर | 151 | 112 |
इसलिए विशेष परीक्षा
नई प्रणाली के तहत 10वीं कक्षा के नियमित स्टूडेंट्स के लिए अर्धवार्षिक और प्री-बोर्ड व यूनिट टेस्ट और आंतरिक मूल्यांकन के अंक के आधार पर रिजल्ट तैयार किया गया है। इन परीक्षाओं में उपस्थित ना रहने वाले स्टूडेंट्स को 33 प्रतिशत अंक देकर पास किया गया। वहीं, प्राइवेट स्टूडेंट्स को भी 33 प्रतिशत अंक देकर पास किया गया। इस रिजल्ट से नाखुश छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए विकल्प दिया गया था। इसलिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है।

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