शिवपुरी, प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विनोद कुमार के मार्गदर्शन में एवं श्रीमती अर्चना सिंह जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत पहुंच कार्यक्रम के तहत जिले में कई कार्यक्रम आयोजित किए गये।
शासकीय कन्या महाविद्यालय में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें सुश्री अपेक्षा यादव न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा उपस्थित छात्राओं को मौलिक अधिकारों के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि हमारे संविधान में अनुच्छेद 14 से लेकर 32 तक विभिन्न मौलिक अधिकारों का वर्णन किया गया है। यदि किसी व्यक्ति के अधिकारों का हनन होता है तो वह अनुच्छेद 32 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के समक्ष रिट पिटिशन लगाकर अपने अधिकारों की मांग कर सकता है। कन्या भ्रूण हत्या के संबंध में उनके द्वारा बताया गया कि यदि नारी आर्थिक रूप से सक्षम होगी तो कन्या भ्रूण हत्या की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। श्रीमती शिखा शर्मा जिला विधिक सहायता अधिकारी द्वारा उपस्थित छात्राओं को मौलिक कर्तव्यों के संबंध में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य श्री एनके जैन द्वारा भी महिला सशक्तिकरण पर विचार प्रस्तुत किए गए तथा बच्चों को विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
डोर टू डोर विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु पंचायत सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, रोजगार सहायक एवं आशा कार्यकर्ताओं की टीम गठित की गई है जिसके अंतर्गत संपूर्ण जिले में कुल 467 टीमें गठित की गई है। टीमों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से 28 अक्टूबर को ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसके अतिरिक्त प्रतिदिन के अनुसार ही पैरा लीगल वालंटियर एवं विधिक साक्षरता टीम द्वारा ग्राम सतनवाड़ा, नयागांव अमरपुर ,बुडीबरोध, टोका,चितौरा, बड़ोदी,चंदनपुर,तानपुर,बड़ागां
प्रचार प्रसार वाहिनी के माध्यम से भी जिले के विभिन्न इलाकों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है जिसके लिए वैन, एवं नगर पालिका की कचरा गाड़ियों का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रकार 28 अक्टूबर को लगभग 62000 लोगों को विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं से रूबरू करवाया गया।
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