शिवपुरी जिले में अतिवृष्टि से खरीफ फसलों को काफी नुकसान हुआ है। लौटते मानसून में भी बारिश होने से खेतों में अभी तक नमी बनी है। किसान बोवनी में दिन रात लगे हैं, जिससे रबी फसलों का रकबा बढ़ रहा है। रकबे में इजाफे से डीएपी खाद की मांग भी बढ़ रही है। पूरे अक्टूबर में किसान डीएपी की कमी के चलते परेशान थे। अब दिवाली के दिनडीएपी की रैक शिवपुरी पहुंची, जिसमें से करीब 2200 डीएपी शिवपुरी को मिला है। इसमें 1400 मीट्रिक मार्कफेट व सोसायटियों और शेष 800 मीट्रिक टन खाद प्राइवेट में दिया गया है।
इस बार पलेवा की जरूरत नहीं पड़ रही है, इसलिए किसान सबसे अधिक गेहूं, चना और सरसों की बाेवनी करने में लगे हैं। इस साल चना व सरसों का रकबा बढ़ रहा है। क्योंकि सरसों व चने का भाव अच्छा मिलने से किसान ज्यादा रुचि ले रहे हैं। कृषि विभाग ने शिवपुरी जिले में बोवनी का अनुमानित लक्ष्य 4 लाख 48 हजार हेक्टेयर रखा है। रबी सीजन में बोवनी के लिए 15 दिन का समय है। इस साल रिकार्ड बोवनी का अनुमान लगाया जा रहा है। दिवाली पर लगी रैक से 2200 मीट्रिक टन में से 1300 मीट्रिक टन डीएपी सोमवार से मार्कफेट के गोदामों से वितरित किया जाएगा।
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