ग्वालियर शहर की 423 वर्ग किलोमीटर के एरिया को आग की घटनाओं से सुरक्षित रखने वाला नगर निगम खुद सुरक्षित नहीं है। जी हां, सिटी सेंटर स्थित निगम के मुख्यालय पर फायर फाइटिंग इंस्टालेशन सिस्टम तो दूर की बात अग्निशमन यंत्र तक नहीं लगे हैं। अब यदि यहां कोई हादसा घटित हो जाए तो 300 कर्मचारी और अधिकारियों की जान आफत में आ सकती है।
पूर्व में तलघर में दो बार आग की घटना होने पर दमकल को पहुंचाकर आग बुझाई गई हैं। इसके बाद भी आग बुझाने के इंतजाम नहीं किए गए। इस मामले में पूछे जाने पर नोडल अधिकारी फायर श्रीकांत कांटे ने तत्काल फायर आफिसर विवेक दीक्षित को बुलाया। उन्होंने सिस्टम के बारे में पूछा। उन्होंने सत्यता बता दी। इसके बाद निरीक्षण कर पूरा एस्टीमेट बनाकर देने को कहा है। शाम तक मुख्यालय में 18 अग्निशमन यंत्र लगवा दिए गए।
यहां भी अग्निशमन यंत्र एक्सपायरी
- कलेक्ट्रेट भवन: यहां पर जगह-जगह अग्निशमन यंत्र तो लगे हुए हैं, लेकिन उनकी एक्पपायरी डेट निकल चुकी है।
- बाल भवन: यहां आयुक्त के कक्ष के बाहर और मीटिंग हॉल के द्वार पर छोटा अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है। बाथरूम के सामने वाली दीवार पर भी अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है। इस पर साल 2016 अंकित है।
जैसे ही जानकारी में आया, तत्काल अग्निशमन यंत्र लगवा दिए हैं
मेरी जानकारी में आया था कि निगम मुख्यालय की इमारत में फायर सिस्टम और अग्निशमन यंत्र नहीं है। शाम को 18 अग्निशमन यंत्र लगवाकर निगम ने पहल शुरू की है। फायर ऑडिट के लिए टीम बना दी है।
-किशोर कन्याल, आयुक्त नगर निगम
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