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नई बिल्डिंग में जाना है, इसीलिए फायर सेफ्टी सिस्टम अपडेट ही नहीं किया; इस सोच ने ली बच्चों की जान



 भोपाल के हमीदिया कैम्पस के कमला नेहरू अस्पताल का फायर सेफ्टी सिस्टम जानबूझकर अपडेट नहीं किया गया था। इसके पीछे वजह थी नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने की आस। सेफ्टी ऑफिसर के बार-बार चेताने के बावजूद हॉस्पिटल मैनेजमेंट यह कहकर सिस्टम ठीक कराने की अनदेखी करता रहा।

नतीजा, हादसे में 13 बच्चों की जलने और दम घुटने से मौत हो गई। हालांकि, पुष्टि सिर्फ 4 की ही की गई। दैनिक भास्कर की पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि हमीदिया कैम्पस में नई बिल्डिंग में दिसंबर 2020 में ही बच्चा वार्ड शिफ्ट हो जाना था। बावजूद, काम पूरा नहीं होने से अगस्त 2021 तक मोहलत दे दी गई। लापरवाही की वजह से अगस्त 2021 में भी शिफ्टिंग नहीं हुई। हैंडओवर की तारीख बढ़ती गई तो दूसरी तरफ फायर विभाग की ओर से वर्तमान में संचालित अस्पताल को लेकर लगातार सुधार के लिए नोटिस भेजे जाते रहे।

हटाए गए डीन ने चुप्पी साधी
अस्पताल का केवल एक हिस्सा लेकर बच्चों और महिलाओं का अस्पताल चलाया जा रहा है। फायर सेफ्टी सिस्टम अपडेट नहीं करने की नजरअंदाजी को लेकर जब हटाए गए डीन डॉ. जितेन शुक्ला से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। उनका इस मामले में पक्ष जानने के लिए SMS और वॉट्सऐप के जरिए सवाल भेजे गए, लेकिन उनका कोई रिप्लाई नहीं मिला।

इस मामले में पूर्व अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र दवे का कहना है कि अब जांच चल रही है। वे कुछ नहीं बोलेंगे। फायर ऑफिसर रामेश्वर नील का कहना है कि फायर सिस्टम सुधारने को कहा गया था। अब नई बिल्डिंग में शिफ्टिंग के कारण नहीं सुधारा तो मुझे जानकारी नहीं है।

गांधी मेडिकल कॉलेज की तरफ से हॉस्पिटल की बन रही नई बिल्डिंग के इंचार्ज डॉ. संजीव गौर का कहना है कि कोरोना और मजदूरों की कमी के कारण निर्माण एजेंसी की तरफ से अब तक हमें नई बिल्डिंग हैंडओवर नहीं की गई है। अभी भी कई बड़े काम बाकी है, इसे लेकर लगातार रिमाइंडर भी भेजा जा रहा है। पहले नई बिल्डिंग के डी ब्लॉक को 15 नवंबर तक और ए और बी ब्लॉक को 30 नवंबर तक हमें देना था। यह जरूर है कि नई बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के आधुनिक उपकरण लगे हैं।

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद राय का कहना है कि नई बिल्डिंग की शिफ्टिंग में देरी हो रही है, पहले से हम हैंडओवर मांग रहे हैं। अब नई में शिफ्टिंग के कारण पुराने में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं सुधारे गए या अनदेखी हुई है तो जांच करेंगे। नई बिल्डिंग में जरूर नए अपडेट फायर सिस्टम लगे हैं।

24 नवंबर को दे देंगे डी ब्लॉक, यहीं बच्चों-महिलाओं का होगा अस्पताल
अस्पताल की नई इमारत का काम देख रहे पीआईयू के डिवीजन प्रोजेक्ट इंजीनियर विजय सिंह ने बताया कि अलग-अलग कारणों से हैंडओवर में देरी हुई है। आज एसीएस हेल्थ के साथ हुई मीटिंग में अब 24 नवम्बर तक कैसे भी डी ब्लॉक को हैंडओवर कर दिया जाएगा। यहां ही कमला नेहरू चिकित्सालय से बच्चों, महिलाओं व आंख के हॉस्पिटल शिफ्ट होंगे।

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