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जिला सहकारी बैंक बिर्रा में गार्ड करता है कैशियर का काम,जिम्मेदार बपरा बन बैठे अनजान

इस तरह गार्ड बैंक के अंदर कर रहा कैशियर का काम

(ऑफिस में अगर कोई बड़ी घटना हो जाती है तो जिम्मेदार कौन होगा)

बिर्रा-जिला सहकारी बैंक बिर्रा में कैशियर का पूरा काम सिक्योरिटी गार्ड संभाल रहा है । वहीं कैशियर केवल आफिस में बैठकर साहबगिरी कर रहा है । साथ ही उसके दुर्व्यवहार से किसानों बहुत परेशान है । जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा बिर्रा में इन दिनों कैशियर कि मनमानी जोरों पर है । कैशियर एमडी आर्य द्वारा आए दिन किसानों से दुर्व्यवहार किया जाता है । जिससे किसान परेशान हैं । वहीं यहां चौकाने वाला मामला सामने आया है , कैशियर बाबू का सारा काम आफिस में पदस्थ सिक्योरिटी गार्ड मनहरण चन्द्रा द्वारा किया जाता है । जिससे बैंक की सुरक्षा पूरे दिन भगवान भरोसे रहती हैं । बड़ी बात यह है कि इसकी जानकारी अधिकारियों को हैं , बावजूद इस पर कार्रवाई नहीं की जाती , जिससे कैशियर का हौसला बुलंद है । जिला सहकारी बैंक शाखा बिर्रा में गार्ड के रूप में मनहरण चन्द्रा को पदस्थ है , लेकिन वह अपनी काम छोड़कर कैशियर का पूरा काम करता है । इस संबंध में बीएम केके कश्यप का कहना है कि आपको गलत जानकारी मिली है । लोगों की सुविधा के लिए गार्ड कुछ हेल्प ।जरूर करता है । गार्ड भला कैशियर का काम कैसे कर सकता है । सिक्योरिटी गार्ड को आपरेटर कामकरते एक किसान ने वीडिया बना बनाया है । गार्ड का कैशियर वाला वीडियो जमकर वायरल हो रहा है ।

किसानों के लिए लिमिट , 

व्यापारियों के लिए नहीं किसानों ने बताया कि अपनी मेहनत के गाढ़ी कमाई को निकलने के लिए दिनभर बैंक कि लंबी लाईन में लगकर कड़ी मशक्कत के बाद हमें लिमिट बताते हुए महज 25-50 हजार तक एक दिन में भुगतान किया जाता है । जबकि बड़े किसानों , व्यापारियों को शाम होते ही 2.5 लाख तक का भुगतान कर दिया जाता है । वहीं क्षेत्र के कुछ दलाल भी सक्रिय हैं , जो कैशियर से मिलीभगत करके किसानों से मोटा रकम निकाले के एवज में 500-1000 रुपए लिया जाता है । वहीं जांच किया जाए तो पूरे मामले का खुलासा कैशियर के डेली ट्रांजेक्शन रिपोर्ट से हो जाएगा । वहीं किसानों ने बताया कि कैशियर एमडी आर्य द्वारा हमेशा किसानों से दुर्व्यवहार किया जाता है । वहीं अपनी पहुंच ऊपर तक बताते हुए खुलेआम धमकी दी जाती है । जिससे किसान वर्ग बहुत परेशान है ।

सिक्योरिटी गार्ड का काम भगवान भरोसे किसानों के खातों से आहरण कर भुगतान करने का अधिकार कैशियर का है । लेकिन सवाल यह उठता है कि जब आफिस में कैशियर पदस्थ हैं तो आपरेटर का काम सिक्योरिटी गार्ड के भरोसे क्यू छोड़ा गया है । कैशियर द्वारा अपनी मनमानी करते हुए अपना काम सिक्योरिटी गार्ड मनहरण चन्द्रा से कराया जाता है । सिक्योरिटी गार्ड द्वारा ही किसानों के खातों से राशि आहरण का काम किया जाता है । जिस पद में उनका पदस्थापना हुआ है , उसका निर्वाहन उनके द्वारा नहीं किया जाता है । वहीं पूरे मामले पर जिम्मेदार अधिकारी मुखदर्शक बने हुए हैं ।*

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