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शिवपुरी : पेट्रोल डालकर चार लोगोंं को आग लगाकर मारने वाले सात लोगों को आजीवन कारावास

 



शिवपुरी। शिवपुरी जिला न्‍यायालय के चतुर्थ अपर सत्र न्‍यायाधीश रामविलास गुप्‍ता ने आज तीन महिला सहित से एक व्‍यक्ति को पेट्रोल डालकर आग से जलाने वाले भियुक्तगण रामवीर, रामलखन, रामअवतार, ममता, कमला, पप्पू, दुर्गेश  को धारा 436, 302, 307 भा.द.वि. के अपराधों के संबंध में लगाये गये आरोपों से दोषमुक्त घोषित कर प्रत्येक अभियुक्त रामवीर, रामलखन, रामअवतार, ममता, कमला, पप्पू एवं दुर्गेश को उपरोक्त आरोपों के विकल्प स्वरूप लगाये गये आरोप अंतर्गत धारा 436 सहपठित धारा 34 भा.द.वि., धारा 302 सहपठित धारा 34 भा.द.वि. (चार काउंटस), धारा 307 सहपठित धारा 34 भा.द.वि. के आरोपों में दोषी ठहराते हुये आजीवन कारावास  की सजा से दण्डित किया है। प्रकरण में यह भी सिद्ध हुआ कि अभियुक्त रामवीर मृतक लक्ष्मी जो कि उसके सगे भाई रामलखन की पत्नि थी, लक्ष्मी के प्रति वह गलत दृष्टि रखता था और उसे अपनी पत्नि बनाकर रखना चाहता था, जिसका लक्ष्मी के पिता एवं भाई बगैराह ने विरोध किया था, जिसके चलते रामवीर ने अन्य अभियुक्तगण के साथ मिलकर सभी ने सामान्य आशय जो कि आहतगण की हत्या करने का था, उसमें अग्रसर होकर फरियादी रामेश्वर के निवासगृह को नष्ट कर रिष्टि कारित करने हेतु सामान्य आशय में अग्रसर होकर आशयपूर्वक या जानते हुए ज्वलनशील पदार्थ पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिसके फलस्वरूप अभियुक्तगण ने हत्या करने के सामान्य आशय के अग्रसरण में अभियुक्त रामवीर ने आशयपूर्वक या जानते हुए पेट्र्ोल डालकर आग लगाकर सरस्वती, लक्ष्मी, गीता एवं महेश, उनको उपहति कारित की एवं आग से पहंुची चोटों के कारण इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।
 अभियोजन का मामला संक्षेप में यह है कि दिनांक 16.04.2015 को समय 6ः15 बजे फरियादी रामेश्वर राठौर ने उपस्थित थाना आकर रिपोर्ट किया कि उसकी बहन लक्ष्मी की शादी दो वर्ष पूर्व ग्राम टेंटरा के रामलखन राठौर के साथ हुई थी। उसकी बहन लक्ष्मी को उसका जेठ रामवीर बुरी नजर से देखता है, इस कारण वह अपनी बहन को ससुराल नहीं भेज रहा था। इसी बात पर रामवीर उनसे रंजिश रखता है। आज रात रोजाना की तरह वह अपनी पत्नि के साथ सो गया था, दूसरे कमरे में उसकी बहन लक्ष्मी, भाई महेश, पिता जगदीश, मां गीता, छोटी बहन सरस्वती सो रहे थे, रात करीब 2ः30 बजे रामवीर राठौर की आवाज उसे सुनाई दी कि साले उसकी बहु लक्ष्मी को नहीं भेज रहे हैं, आज सबको पेट्रोल डालकर जला देता हूं। वह अपने कमरे से बाहर निकला तो देखा कि दूसरे कमरे, जिसमें उसके माता-पिता, भाई-बहन सो रहे थे, उसमें आग की लपटें निकल रही थीं, किबाड़ों की कुंदी बाहर से लगी हुई थी, उसने खिड़की से पानी डालकर आग बुझाई, आग लगने से उसके पिता जगदीश, मां गीता, बहन लक्ष्मी, सरस्वती तथा महेश बुरी तरह जल गये हैं, चिल्लाने की आवाज सुनकर वीरेन्द्र रघुवंशी, पप्पू प्रजापति व विष्णु भटट आ गये, जिन्होंने भी आग बुझाई। फिर वह सभी को एम्बूलेंस से इलाज हेतु अस्पताल लाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। रामवीर ने उसके माता-पिता, भाई-बहन को जान से मारने की नीयत से कमरे की खिड़की में पेट्रोल डालकर आग लगाई है, जो आग लगाकर भाग गया है। उक्त आधार पर आरक्षीकेन्द्र कोतवाली द्वारा अभियुक्त रामवीर के विरूद्ध अपराध क्र. 224/2015 धारा 436, 307 भा.द.वि. पंजीबद्ध किया गया। 4. घायल अवस्था में आहत सरस्वती, महेश राठौर, लक्ष्मी राठौर, गीता राठौर एवं जगदीश राठौर को जिला चिकित्सालय शिवपुरी लाये जाने पर उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया तथा कार्यपालक मजिस्ट्रेट/नायब तहसीलदार द्वारा जिला चिकित्सालय शिवपुरी में आहत सरस्वती, महेश राठौर, लक्ष्मी राठौर, गीता राठौर, जगदीश के मरणासन्न कथन लेखबद्ध किये गये, आहतगण को आगामी इलाज हेतु ग्वालियर अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान लक्ष्मी राठोर, गीता राठोर, सरस्वती राठौर, महेश राठौर की मृत्यु हो गई, जिसकी मर्ग सूचना पुलिस थाना कंपू ग्वालियर में दी गई। पुलिस कथनों, मरणासन्न कथन में प्रकट किये गये तथ्यों एवं आहतगण की मृत्यु हो जाने के फलस्वरूप मामले में धारा 302, 304बी भा.द.वि. के अपराध की वृद्धि की गई।
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