7 आरोपितों ने दिया था वारदात को अंजाम, 4 पकड़े, तीन की तलाश जारी
शिवपुरी। बदरवास के क्योस्क संचालक के साथ हुई लूट का खुलासा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कर दिया। कियोस्क संचालक से 45 लाख रुपए की लूट का मास्टर माइंड पड़ोसी अंकुश जैन ही निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 8 लाख 50 हजार रुपए बरामद कर लिए गए हैं। यहां बता दें कि घटना को अंजाम देने से पहले आरोपित ने पहले रैकी की फिर लूट की साजिश रची। लूट के लिए गुना से तीन लुटेरों को बुलाया। लूट की घटना को अंजाम देने वाले 7 आरोपित थे जिनमें से 4 को गिरफ्तार कर लिया है तथा फरार है। पकड़े गए आरोपियों में से अंकुश जैन बदरवास, आशीष बिजरौनी, शिवम व मुरारी धाकड़ बमौरी गुना के रहने वाले थे। जिसमें मुरारी धाकड़ हत्या का आरोपी है। आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर अनिल शर्मा ने 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था।
यह थी घटना
बदरवास में गुरुवार रात कियोस्क संचालक, उसकी पत्नी अाैर दो बच्चों को बंधक बनाकर तीन बदमाश 45 लाख रुपए कैश लूट ले गए। एसबीआई कियोस्क संचालक विजय सिंघल (40) पुत्र हरीचरण सिंघल निवासी एसबीआई के सामने बदरवास से रात 9 से 9:15 बजे के बीच तीन बदमाशों ने 45 लाख रु. कैश लूट लिया। विजय सिंघल के घर में ग्राउंड फ्लोर पर एटीएम लगा है, जबकि वे परिवार सहित फर्स्ट फ्लोर पर रहते हैं। बदमाशों ने एटीएम में कैश फंसा होने के बहाने कियोस्क संचालक को नीचे बुलाया। गेट खोलते ही कट्टा अड़ा दिया, फिर पत्नी पूजा व दो बच्चे हार्दिक व युग सिंघल को बांध दिया। बदमाश कियाेस्क संचालक के घर से 45 लाख कैश, चेन और अंगूठी लूट ली। सीसीटीवी के फुटेज किसी के हाथ न लगें, इसलिए बदमाश हार्ड डिस्क अपने संग ले गए।
ऐसे हुआ खुलासा
अपराध को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन अनिल शर्मा द्वारा एसपी राजेशसिंह को मामले का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वयं मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का जायजा लिया। एसपी के निर्देशन में एएसपी प्रवीण भूरिया के मार्गदर्शन में एसडीओपी कोलारस निरंजनसिंह राजपूत के नेतृत्व में थाना प्रभारी बदरवास, सायबर सेल टीम, एडी टीम एवं अन्य पुलिस को लेकर टीम गठित की गई और मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। जांच के दोरान सभी साक्षों, सीसीटीव्ही कैमरों को बारीकी से देखा तो कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही की फुटेज के आधार पर उन्हें चिन्हित कर तलाशी शुरू की। जहां घटना के बाद पुलिस ने संदिग्धों को गुना की तरफ जाते हुए देखा। अगले दिन बैराड़ से पुलिस ने आशीष को गिरफ्तार किया। जब पुलिस ने कड़ाई से आशीष से पूछताछ की तो उसने सारे राज उगलने शुरू कर दिए। आशीष ने बताया कि इस घटना का मास्टर माइंड क्योस्क संचालक के सामने मोबाइल दुकान चलाने वाला अंकुश जैन निकला। जिस पर पुलिस ने अंकुश को गिरफ्तार किया। अंकुश ने पूछताछ के दौरान घटना को कारित करना स्वीकार किया। आरोपितों के पास से लूटे गए रुपयों में से 8 लाख 30 हजार जब्त कर लिए हैं। शेष आरोपितों की तलाश पुलिस कर रही है।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
आरोपितों को पकड़ने में एएसपी प्रवीण कुमार भूरिया, एसडीओपी पोहरी निरंजनसिंह राजपूत, थाना प्रभारी बदरवास राकेश शर्मा, थाना प्रभारी बैराड़ सतीशसिंह चौहान, थाना प्रभारी फिजीकल कृपाल राठौर, थाना प्रभारी देहात विकास यादव, थाना बैराड़ उप.निरी. अरविंदसिंह चौहान थाना प्रभारी रन्नौद अंशुल गुप्ता, थाना प्रभारी अमोला अमित चतुर्वेदी, थाना प्रभारी इंदार केएम शर्मा, एडी प्रभारी रविंद्रसिंह सिकरवार, चौकी प्रभारी लुकवासा योगेंद्रसिंह सेंगर, थाना कोलारस उप.नि. रूपेश शर्मा, सायबर सैल प्रभारी उनि. मुकेश दुबोलिया, उप.निरी. बदरवास बीएम कुशवाह, उप निरी. थाना प्रभारी बम्होरी जिला गुना चंदे प्रकाश दीक्षित, थाना बदरवास नरेंद्र शर्मा, प्रकाशसिंह रघुवंशी, सतेंद्रसिंह भदौरिया, भगवानलाल जौर, राकेश शिवहरे, थाना बम्हाेरी पंजाबसिंह, एडी टीम प्रवीण ित्रवेदी, रन्नौद थाना सरदारसिंह चौहान, कोलारस थाने दिलीप राजावत, नरेश दुबे, एडी टीम चंद्रभानसिंह, उसमानसिंह, सायबर सैल विकाससिंह, देवेंद्र सेन, कदमसिंह, थाना बैराड़ गोविंद भदाैरिया, सुरेंद्र राय, राकेश धाकड़, रहीस खान, सौरभ सेंगर, अमजद खान, प्रभजोत, प्रवेंद्र रावत, रामअवतार रावत, दुर्गविजय रावत, संगम उपाध्याय, वीरेंद्र गुर्जर, रामअवतार रावत, अरूण विक्रमसिंह, धर्मसिंह, वर्षा जाटव, रन्नौद केदारी, रणवीरसिंह, अंकित चतुर्वेदी, हरेंद्र गुर्जर, जलज रावत, एसडीओपी कार्यालय पोहरी हरेंद्र गुर्जर, एसडीओपी कार्यालय पोहरी विवेकानंद, प्रदीप गुर्जर, राहुल कुमार की सराहनीय भूमिका रही।
0 टिप्पणियाँ