जिला संयोजक परिहार ने 10 प्रतिशत से बढ़कर इस वार छात्रावास के अधीक्षक से 20 प्रतिशत कमीशन मांगा था। जो देने मैं असमर्थ था, हेमराज इसलिऐ लोकायुक्त मैं की शिकायत
क्या 10 प्रतिशत खुल्ला रिस्वत पूरे जिले मे सामान्य --
क्या अव जनाधार ऐ समझे --
जिलाधीश, और जनाधीश आँख वंद करके बैठे है
क्यों कि जिले मैं अधिकारियों द्वारा ना सुनने पर ग्वालियर लोकायुक्त के पास पहुँचा मामला
शिवपुरी के कलेक्ट्रेट कार्यालय में आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक आरएस परिहार और वाबू अवधेश शर्मा को लोकायुक्त पुलिस ने 80 हजार रुपए की रिश्वत के साथ गिरफ्तार पोहरी के शासकीय अनुसूचित जाति उत्कृष्ट सीनियर बालक छात्रावास के अधीक्षक हेमराज आदिवासी के अनुसार शिक्षा छात्र व्रती के लिए 4 लाख की राशि स्वीकृत हुई थी, जिसका 20 प्रतिशत आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक आरएस परिहार द्वारा मांगा जा रहा था। राशि चुकता करने के लगातार दबाव बनाया जा रहा था। मामले की शिकायत लोकायुक्त में की गई। रिश्वत के एक लाख रुपए रंगपंचमी यानी मंगलवार काे देना तय हुआ। जैसे ही 80 हजार रुपए की रिश्वत भदौरिया और उसके चपरासी अवधेश शर्मा ने लिए, माैके पर माैजूद टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ प्यून अवधेश शर्मा, जिला संयोजक आरएस परिहार का राइट हैंड माना जाता था। वह प्यून है, लेकिन वह बाबुओं वाले काम करता था। वह जिला संयोजक के सभी गुप्त कामाें काे किया करता था। वह रिश्वत की राशि लेने भी आया था। छात्रावास के अधीक्षक हेमराज आदिवासी से अवधेश ने जो नोट लिए थे, पानी लगते ही उसका हाथ रंग गया। जिला संयोजक भदौरिया के हाथ तो नहीं रंगे, लेकिन ऑडियो टेप के कारण लोकायुक्त ने उसे भी गिरफ्तार किया है।
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