सिरसौद ग्राम की भगवती पत्नी शालिकराम पाल ने प्रधानमंत्री जीवन योजना के तहत 21 अप्रैल 17 को सिरसौद ग्रामीण बैंक पहुंचकर बीमा करया था। लेकिन इसकी खबर परिवार तो छोड़िए, पति तक को भी कानों कान नहीं थी। इस बीच बीमारी के चलते भगवती पाल का 30 दिसंबर 21 को आकस्मिक निधन हो गया।
वहीं पॉलिसी खाता धारक के पति शलिक राम को पत्नी के बीमा की पॉलिसी बीमा की जानकारी तब लगी। जब बैंक मैनेजर आरके अष्ठाना, कैसियर समीर यादव ने मृतिका के प्रधानमंत्री जीवन बीमा के संबंध में शालिकराम को अवगत कराया कि आपकी पत्नी भाग्यवती ने जीवन बीमा के तहत बैंक में बीमा पॉलिसी की थी। पत्नी की बीमा पॉलिसी की बात सुनकर खाताधारक का पति आश्चर्य में पड़ गया और बैंक कर्मचारियों से बोला की बीमा पॉलिसी की जानकारी मुझे बिल्कुल नहीं थी।
बैंक प्रबंधक ने जीवन बीमा के तहत मिलने वाले 2 लाख रुपयों के भुगतान के लिए पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज मंगवाए। इसके बाद बैंक प्रबंधक आरके अष्ठाना, कैसियर समीर यादव, हरज्ञान जाटव के समक्ष प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना के दो लाख रुपया मंजूर कर दिए। मध्यांचल ग्रामीण बैंक सिरसौद के बैंक कर्मियों का कहना है कि भगवती द्वारा प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत गुपचुप तरीके से 330 रुपए सालाना प्रीमियम का भुगतान किया जा रहा था। इस योजना के तहत बीमा धारक की मृत्यु के बाद उसके परिवार को 2 लाख रुपए का जीवन बीमा दिए जाने का प्रावधान है।

0 टिप्पणियाँ