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योग और ध्यान विद्यार्थी जीवन का मुख्य आधार - गगन जयपुरिया

 


बम्हनीडीह में संचालित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश माध्यम में आठवा अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया I कार्यक्रम का प्रारम्भ माँ सरस्वती के पूजन से शुरु हुआ। तत्पश्चात अतिथि एवम योगाचार्य का स्वागत श्रीफल व साल भेट कर किया गया । कार्यक्रम में योग सिखाने आये प्रशिक्षक श्री नानकचंद साहू एवं नरेंद्र जायसवाल के मार्गदर्शन में प्राणायाम, भ्रामरी कपाल भारती जैसे ऊर्जामयी योग करवाये गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सभापति गगन जयपुरिया  ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी उपलब्धीयो में से एक योग है जिसे पूरी दुनिया अंतराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाती है I योग और ध्यान विद्यार्थी जीवन का मुख्य आधार है जिसे स्कूल के माद्यम से अनिवार्यतः करवाया जाना चाहिए।जयपुरिया ने 12 से 15 वर्ष की अवस्था को योग के लिए सबसे उत्तम बताया। आत्मानंद के प्राचार्य श्वेता शुक्ला ने अपने उद्बोधन में बताया कि मेडीटेशन से आंतरिक ऊर्जा का विकास होता हैं जो रोग और तनाव को दूर करता है मेडिटेशन से ही विद्यार्थियों की कक्षा की शुरुवात होती हैं जो उनके मानसिक विकास के लिए आवश्यक हैं। योग दिवस के दिन  विद्यार्थियो के योग के प्रति अत्यंत उत्साह देखा गया। स्कूल के बच्चों के साथ - साथ शिक्षकों एवं अतिथियों ने भी योग किया I अंत में प्राचार्य एवम अतिथियों के उपस्तिथि में योगाचार्य द्वारा वृक्षों की महत्वता बताते हुए वृक्षारोपण भी करवाया गया I 

संचालन श्वेता दयालानी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सोनू जायसवाल, पवन केशरवानी ,सतीश शुक्ला ,जगदीश दुबे एवम समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

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