पोहरी जिले में 1 लाख 40 हजार हेक्टेयर भूमि में खड़ी किसानों की सोयाबीन की फसल इस मानसून सीजन में बारिश अच्छी होने से अच्छा पैदावार होने की उम्मीद थी। लेकिन बारिश रुकते ही जिले में सोयाबीन की फसल में बड़े पैमाने पर कीट प्रकोप दिखाई देने लगा है। इससे चिंतित किसानों का कहना है कि कई जगह तो दवा का असर हो रहा है तो कई दवा भी बेअसर हो रही है।
किसानों का कहना है कि बारिश रुकते ही अचानक आई इल्ली न केवल फसल के पत्ते खा रही है बल्कि सोयाबीन की फली भी पर हमला कर रही है। इसके चलते किसान इल्ली से फसल बचाने के लिए दवाइयों का छिड़काव शुरू कर दिया है।
वहीं जिला कृषि उप संचालक यूएस तोमर का कहना है कि बारिश रुकते ही गर्मी बढ़ने से इल्ली का प्रकोप हो जाता है। इसलिए किसान पानी के साथ जब पौधा तरबतर होने तक सही मात्रा में दवा का प्रयोग करें तो इल्ली नष्ट हो जाएगी।
पत्तों के साथ फली को पहुंचा रही है इल्ली नुकसान
शिवपुरी ब्लॉक के कपराना निवासी किसान नारायण कुशवाह का कहना है कि सोयाबीन फसल सूखने लगी है। किसानों को यह समझ नहीं आ रहा है कि यह किस कारण हो रहा है। इसी तरह भरका, जामखों सहित आस-पास के किसान भी इसी तरह के रोग से परेशान हैं। मनोज कुशवाह सेमरी ने बताया कि उनके खेतों की फसल को भी नुकसान हो रहा है कई खेतों में फसलें या तो सूख गईं या पीली पड़ने लगी हैं। अमले ने देखने तक नहीं आ रहा है।
जहां ज्यादा मात्रा में इल्ली का प्रकोप वहां दवा हो रही बेअसर
किसानों के अनुसार जिन खेतों में कम इल्ली का प्रकोप है या शुरूआत हो रही है उसमें दवा का छिड़काव करने पर इल्ली मार रही है। लेकिन जहां ज्यादा मात्रा में इल्ली का प्रकोप हो गया है वहां दवा भी बेअसर बनी हुई है। वहीं किसानों के अनुसार सूचना के बाद भी कृषि विभाग के अधिकारी कोई सुझाव देने व फसल के नुकसान को देखने तक नहीं आ रहे हैं।
दवा भी बेअसर हो रही है
अचानक फसल में इल्ली दिखाई देने लगी है, इसमें दवा डालने के बाद भी असर नहीं हो रहा है। -नारायण सिंह कुशवाह , किसान कपनाराना
सही मात्रा में दवा का प्रयोग करें किसान, इल्ली नष्ट हो जाएगी
बारिश रुकते ही टेम्प्रेचर बढ़ने से सोयाबीन की फसल में इल्ली का प्रकोप दिखने लगा है, तो किसान सही मात्रा में दवाओं को प्रयोग करें इल्ली नष्ट हो जाएगी

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