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घर के खपरे बदलने के पैसे नहीं थे उसका बना पीएम आवास विधवा संतोषी बाई के लिए पीएम आवास बना सहारा

अपने आवास के सामने खड़ी संतोषी बाई

जांजगीर चांपा। जिस विधवा महिला के पास घर के खपरे बदलवाने के लिए भी पैसे नहीं थे वह आज पक्के मकान में रह रही है और यह सब संभव हो सका प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से। आज संतोषी बाई धनुवार अपने तीन बच्चों को लेकर खुशहाली और आनंद के साथ आवास में निवास कर रही है।

जिले के अकलतरा विकासखंड के ग्राम पंचायत चंगोरी में रहती हैं संतोषी भाई धनुवार। पति की मृत्यु हो जाने के बाद पहाड़ जैसी जिंदगी को काटना था और अपने बच्चों को बेहतर जिंदगी देना विकट समस्या थी। मजदूरी करके जैसे तैसे अपने परिवार का गुजारा कर पा रही थी, वह चाहती थी कि उनका घर जो कच्चा उसको पक्की छत वाला बनाया जाए, लेकिन उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह टूटे-फूटे खपरो को ही बदलवा सके। इस समस्या से जूझती हुई वह अपनी जिंदगी बसर कर रही थी। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह कभी पक्के मकान मैं रह पाएंगी, लेकिन कहते हैं कि जहां चाह है वहां राह है, और संतोषी बाई के लिए यह राह आसान बनाई प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से जब उनको वर्ष 2019- 2020 में 1.20 लाख की राशि स्वीकृत की गई। एक-एक किश्त आती गई, विभागीय प्रक्रिया, जियो टैग होने के बाद उनका घर तैयार हो गया। एक ओर उनको योजना से मकान का लाभ मिला तो दूसरी योजनाओं से भी लाभान्वित हुई। महात्मा गांधी नरेगा से 90 दिन की मजदूरी मिली, स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय का निर्माण कराया गया वही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से उन्हें गैस कनेक्शन भी प्राप्त हुआ। इस तरह कई योजनाओं से लाभान्वित होकर वह आज अपने आवास में अपने तीन बच्चों के साथ आराम से जिंदगी बसर कर रही है। 

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