शिवपुरी, गृह मंत्रालय के सचिव एवं आपदा प्रबंधन संस्थान भोपाल, गृह विभाग के कार्यपालन संचालक रवीन्द्र सिंह के निर्देशन में एवं जिला प्रशासन शिवपुरी के समन्वय से 11 अगस्त से प्रारंभ स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों हेतु आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ आज जिला पंचायत सभाकक्ष में किया गया।
कार्यशाला में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आपदाओं का कोई निश्चित समय नहीं होता है वह कभी भी कहीं भी किसी भी वक्त आ सकती है इसलिए जरूरी है कि हमें आपदा के पूर्व ही आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण प्राप्त कर लेना चाहिए ताकि आपदाओं के प्रभाव को कम किया करने में सक्षम हो सकें।
कार्यशाला में पधारे गृह विभाग के आपदा प्रबंधन संस्थान के संयुक्त संचालक डॉ.जॉर्ज कही. जोसेफ ने अपने उद्बोधन में बताया कि आपदा हमारे जीवन में आती रहती है, जिससे निपटने के लिए स्वयं सेवी संस्थाए प्रभावी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 आपदा प्रबंधन नीति, प्रावधान आदि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हम आपदाओं को कभी भी आने से रोक नहीं सकते परन्तु यदि जिला प्रशासन और स्वयं सेवी संगठन दोनों साथ में मिलकर सम्दाय को तैयार करें तो आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में तकनीकी विशेषज्ञ अभिषेक मिश्रा ने भूकंप आपदा के बारे में बताया कि भूकंप को आने से नहीं रोका जा सकता परन्तु भूकंपरोधी भवन निर्माण बनाने, अपने प्राने भवनों में रेट्रोपफिटिंग करने, बड़ी इमारतों में भवनों के अंदर सुरक्षित स्थानों के बारे में जानकारी होने एवं भूकंप के दौरान सही अनुक्रिया करने से भूकंप से होने वाले दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में जिला होमगार्ड कमान्डेंट ए.के.सूद एवं एस.डी.ई. आर.एफ की टीम ने प्रतिभागियों को बाढ़, भूकंप एवं आग जैसी आपदाओं के दौरान किये जाने वाले खोज एवं बचाव के बारे में डैमोसट्रैसन कर बताया गया। इस कार्यशाला में लगभग 80 स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी सहभागिता की।
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