निरीक्षण के दौरान प्रत्येक बैरिक में जाकर ऐसे बंदी जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है अथवा ऐसे बंदी जिनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक किन्तु 22 वर्ष तक है ऐसे बंदियों को चिन्हित किया गया एवं उनका बारंट व उनके उम्र से संबंधित दस्तावेज के संबंध में पूछताछ की गई व जेल प्रशासन व पैरालीगल वालेंटियर्स को ऐसे बंदियों से उनके जन्म प्रमाण पत्र मार्कशीट आदि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। इसके अतिरिक्त अन्य बंदियों से उनके प्रकरणों के संबंध में चर्चा की गई जैसे विचारण की स्टेज, यदि सजा हुई है तो अपील की स्थिति, जमानत आवेदन एवं निशुल्क विधिक सहायता आदि के संबंध में पूछताछ की।
साथ ही बंदियों को प्रदाय किये जाने वाले भोजन, पानी स्वास्थ्य, मनोरंजन, शिक्षा, मुलाकात आदि प्रावधानों के संबंध में चर्चा की गई। तत्पश्चात सर्किल जेल में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित बंदियों को अर्चना सिंह के द्वारा जेल अपील के प्रावधानों के साथ-साथ जेजे एक्ट के बारे में बताया गया।
शिविर के दौरान जिला विधिक सहायता अधिकारी डॉ.वीरेन्द्र कुमार चढ़ार के द्वारा प्लीबार्गेनिंग प्रक्रिया के प्रावधानों के साथ ही बंदियों को प्रदान की जाने वाली निशुल्क विधिक सहायता, बंदियों के अधिकार एवं उन्हें मिलने वाली सुविधाओं आदि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर जेल उपाधीक्षक दिलीप सिंह भी उपस्थित रहे।

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