सिंध का सीना छलनी कर माफिया निकल रहे रेत
लाखों की राजस्व की चोरी कर माफिया दे रहे प्रशासन को चुनौती
कोलारस - कोलारस विधानसभा क्षेत्र मे सिंध नदी से अवैध रेत का खेल नदी को लगातार खोखला बना रहा है। अवैध रेट उत्खनन से करोड़ों का व्यापार कोलारस क्षेत्र मे चल रहा है जिससे प्रतिदिन राजस्व को लाखों रुपए की हानि हो रही है संबंधितों की अनदेखी के कारण रेत समेटने का काम बेराेकटोक जारी है। सुबह से लेकर शाम तक हर घाट पर दर्जनों ट्रैक्टर ट्राली रेत भरकर ले जाते देखे जा सकते हैं। नियम विरुद्ध चल रहे खनन को लेकर खनिज विभाग के अधिकारी भी मौन साधे हुए हैं।
इधर, माफिया की आड़ में राजनैतिक रसूख वाले लोग भी रेत कारोबार में सक्रिय हो रहे हैं। कोलारस अनुविभाग में जिन क्षेत्रों से सिंध नदी निकली हैं वहां ऐसे हालात लगभग हमेशा बने रहते हैं। यही रेत अब मााफिया के लिए सोना बन गई है। जिसे माफिया चार हजार रूपए तक लोगो को खफाकर मोटा मुनाफा कमाने मे लगे है पचावली, सखनौर, संगेश्वर सहित हरिपुर क्षेत्र में नदी के तल से रेत उठाने का यह कारोबार इन दिनों चरम पर है। रोजाना लाखों रुपयों की रेत उठाई जा रही है। रात होते ही मशीनों से खनन कर रेत भर कर बेच रहे है।
सखनोर, पचावली, संगेश्वर में रात भर दौड़ते हैं ट्रैक्टर-ट्राली
रेत से भरे ट्रैक्टर ट्रालियां साखनौर, पचावली सहित अन्य घाटों में रात होते ही दौड़ने लगते हैं। यहा शाम ढलते ही अंधेरे का लाभ उठाकर ट्रैक्टर ट्राली रेत भरकर निकलती है। जबकि स्थानीय पुलिस का इस अवैध परिवहन की ओर कतई ध्यान नहीं है। रेत चोरी के इस खेल में जिम्मेदार अफसरों की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
रेत निकालने के चक्कर मे तोड़ चुके डेमो के गेट
सरकार ने पानी को रिजर्व रखने के लिए जगह-जगह डैम बनबाए वही माफियाओं ने रेत निकालने के लिए सरकार के मंसूवो पर पानी फेर दिया डैम के गेट तोड़ने की खबरें लगातार मिल रही थी पूर्व मे गेट तोड़ने को लेकर एफ आई आर तक दर्ज हो चुकी है आज हालात यह है कि आसपास के क्षेत्र का वाटरलेवल लगातार गिर रहा है

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