बैठक में उपसंचालक डॉ.एम.सी.तमोरी सहित जिले के विभिन्न विकास खण्डों के पशु चिकित्सक उपस्थित हुए।
कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में नई तकनीक को अपनाना जरूरी है। शासन द्वारा संचालित ट्रिपल एस स्कीम को अपनाएं। यह सेक्स सॉर्टेड सीमन गाय एवं भैंस के उन्नत नस्ल का उत्पादन करेगा जिसमें गीर साहिवाल मुर्रा जैसी नस्ल शामिल है जिससे किसानों का दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और आय में भी वृद्धि होगी।
पशु पालन विभाग के अधिकारियों को कृत्रिम गर्भाधान कार्य हेतु उपयोग में आने वाली साम्रगी गौ सेवकों को आवश्यकतानुसार सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अभी जिले में 10 हजार सैंपल किट प्राप्त हुई हैं और अभी तक 1100 सैंपल किए गए हैं। इसके साथ ही योजना का प्रचार-प्रसार, पेम्पलेटस एवं बैनर द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार करने के निर्देश दिए है। पिछले वर्षों में एन.ए.आई.पी. योजनान्तर्गत किये गये कृत्रिम गर्भाधान की प्रोत्साहन राशि समय पर सभी गौ सेवकों को दिये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
बैठक में चर्चा करते हुए कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने निर्देश दिए हैं कि अभी बरसात का समय है। सड़कों पर जो निराश्रित गोवंश है उससे कई बार रात के समय दुर्घटना की संभावना रहती है। निराश्रित गोवंश को आसपास गौशाला में शिफ्ट कराया जाए। पीएम जनमन योजना के तहत सहरिया हितग्राहियों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जा रहे हैं। उसमें बैंक से संपर्क करके प्रगति लाएं और अधिक से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाया जाए।

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