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शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में बरती गई उपचार में लापरवाही के चलते हुई तीन मरीजों की मौत : पीड़ित परिवारों ने कलेक्टर से की शिकायत, केंद्रीय मंत्री को भी भेजी

शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में बरती गई उपचार में लापरवाही के चलते हुई तीन मरीजों की मौत : पीड़ित परिवारों ने कलेक्टर से की शिकायत, केंद्रीय मंत्री को भी भेजी 

Three patients died due to negligence in treatment in the medical college

शिवपुरी के मेडिकल कॉलेज में बरती जा रही उपचार में लापरवाही के चलते हो रहीं मौतों को रोकने के लिए शहर के तीन पीड़ित परिवार सहित अन्य लोगों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा हैं।


इसके साथ शिकायती आवेदन की एक एक प्रति केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित प्रभारी मंत्री को भी भेजी गई हैं। मेडिकल कॉलेज में बरती जा रही लापरवाही की शिकायत लेकर पहुंचे लोगों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर उपचार में लापरवाही बरत रहे हैं। उनके स्थान पर इंटर्नशिप के डॉक्टरों से मरीजों का उपचार कराया जा रहा हैं।

जिससे मेडिकल कॉलेज में सही इलाज न मिलने से मरीजों की हर रोज मौतें हो रही हैं। बता दें आज कलेक्टर के पास तीन पीड़ित परिवार पहुंचे थे। जिनके परिजनों की मौत उपचार में बरती गई लापरवाही के चलते हुई हैं। 

कलारबाग़ के रहने बाले तरुण शिवहरे ने बताया कि उसने 27 अगस्त को अपने पिता मुकेश शिवहरे को सीने में दर्द की शिकायत के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जहां कंपाउडर और इंटेनशिप के डॉक्टरों ने उनका उपचार किया था। उन्हें एक इंग्जेक्शन लगना था। जो पेट में धीरे धीरे लगाया जाता हैं। इसके बावजूद वह इंग्जेक्शन गलत तरीके से जल्द लगा दिया गया। जिससे उनकी मौत हो गई। इस दौरान कोई मेडिकल को डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात नहीं था।  

शहर के पोहरी बस स्टेण्ड के रहने वाले गजेंद्र शिवहरे ने बताया कि 28 अप्रेल की बात हैं। उनकी 47 वर्षीय भाभी ममता शिवहरे की तबियत बिगड़ गई थी। उन्हें सीने के दर्द के संबध में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। लेकिन मेडिकल कॉलेज में सही उपचार नहीं किया गया। सुबह भी उन्हें अटेक आया था। लेकिन इसके बावजूद उन्हें उपचार नहीं मिला। उनका उपचार मेडिकल में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे ट्रेनी डॉक्टर से इलाज कराया गया था। सुबह जब भाभी को ग्वालियर रेफर किया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज से 2 किलोमीटर दूर उनकी मौत हो गई। शिवपुरी शहर के रहने बाले हरिशंकर शिवहरे ने बताया कि डेढ़ वर्ष पहले उनकी 60 वर्षीय पत्नी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। जहां उन्हें एक इजेक्शन ट्रेनी डॉक्टर के द्वारा लगाया गया था। इसके बाद पांच मिनिट के भीतर उसकी पत्नी की मौत हो गई थी।

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