जिले के कई वर्षों से अनुपस्थित शिक्षकों को दलालों के माध्यम से नियम विरुद्ध स्कूलों में उपस्थित कराया गया।
स्थानांतरण एवं प्राचार्यों की पोस्टिंग में भारी भ्रष्टाचार और लेन-देन किया गया।
आरएमएसए कक्ष द्वारा प्राचार्यों से पासवर्ड बदलने और ऑर्डर दिलाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है।
पी.एम. श्री विद्यालयों में चिन्हित फर्म से ही खरीद कराई गई और लाखों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ।
विद्यालयों की सामग्री की आपूर्ति में गड़बड़ी कर लाखों रुपये का हेरफेर किया गया।
शिकायतों के बावजूद भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण दिया गया।
पढेरया ने आरोप लगाया कि जब भी शिक्षा विभाग की समस्याओं पर डीईओ से चर्चा की जाती है तो वे बात सुनने के बजाय टाल देते हैं। उन्होंने कहा कि डीईओ के संरक्षण में प्राचार्यों और शिक्षकों से लेन-देन कराया जा रहा है, जिससे पूरा शिक्षा तंत्र भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है।
अमित पढेरया ने इन परिस्थितियों से आहत होकर शिक्षा स्थाई समिति अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देने की घोषणा की और जिला पंचायत सीईओ से इसे स्वीकार करने की मांग की।

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