भारत सरकार के भा.कृ.अनु.प. केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला के क्षेत्रीय केन्द्र ग्वालियर के प्रधान वैज्ञानिक सह अध्यक्ष डॉ.सुभाष कटारे एवं उनकी टीम द्वारा 6 फरवरी को आलू फसल के एससीएसपी योजनान्तर्गत अग्रिम पंक्ति प्रदर्शनों का निरीक्षण कर कृषक संगोष्ठी में ग्राम रातौर में सहभागिता की गई। एस.सी.एस.पी. योजनांतर्गत आलू की उन्नत प्रजाति कुफरी पुखराज एवं कुफरी चन्द्रमुखी के प्रदर्शन रबी 2025-26 में कृषि विज्ञान केन्द्र शिवपुरी के समन्वय में विकासखण्ड कोलारस के ग्राम गिलगवां, देहरदा, अमरपुर विकासखंड नरवर के ग्राम मायारामपूरा, बीलोनी, किशनपुर, पनघटा, निजामपुर, मगरौनी एवं विकासखण्ड शिवपुरी के ग्राम रातौर, किरौली और पिपरसमा में से 150 कृषकों के प्रक्षेत्र पर लगाए गए। जिनका उद्देश्य आलू की रोग प्रतिरोधी उन्नत प्रजातियों का क्षेत्र में वृहद फैलाव और वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक से आलू फसल की पैदावार के बारे में तकनीकी का हस्तांतरण करना है। ग्राम गिलगवां, रातौर में कृषकों के प्रक्षेत्र पर केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रशान्त कुमार गुप्ता के साथ आलू फसल का टीम द्वारा निरीक्षण कर प्रदर्शनों के बारे में कृषकों से चर्चा की एवं उचित परामर्श भी दिए गए। वहीं ग्राम रातौर में कृषक कोक सिंह जाटव के प्रक्षेत्र पर यथा स्थान आलू प्रदर्शन प्रक्षेत्र पर कृषक संगोष्ठी कर आलू उत्पादन, कीट प्रबंधन एवं विकास संबंधित कार्यक्रमों में केन्द्र की भूमिका के बारे में क्षेत्रीय आलू अनुसंधान केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सुभाष कटारे द्वारा जानकारी दी गई। गजेन्द्र कुमार समाधिया द्वारा आलू की प्रजाति, बीज उत्पादन एवं प्रसंस्करण के बारे में तथा डॉ. संजय कुमार शर्मा द्वारा आलू उत्पादन में सस्य क्रियाएं एवं मृदा परीक्षण किया के बारे में विस्तार से बतलाया गया। उक्त आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. पुनीत कुमार के निर्देशन में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मुकेश कुमार भार्गव, कार्यालय अधीक्षक सतेन्द्र गुप्ता एवं स्टेनो आरती बंसल की सहभागिता से सफलतापूर्वक किया गया।

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