कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशन में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में डिप्टी कलेक्टर मोतीलाल अहिरवार की अध्यक्षता में 'ज्ञान भारत मिशन' के अंतर्गत गत दिवस बैठक संपन्न हुई।प्रदेश सरकार द्वारा 'ज्ञान भारत मिशन' शुरू किया गया है।जिसका उद्देश्य प्राचीन पांडुलिपि का संरक्षण करना है। इस मिशन के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक समिति गठित की गई है जिसमें विभिन्न प्रबुद्धजनों को शामिल किया गया है। सभी के सुझाव लिए गए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में मौजूद प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों के संरक्षण एवं पांडुलिपियां, शिलालेख, और पुरातन जानकारियां खोजने हेतु ठोस रणनीति तैयार करना था।इस अवसर पर विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु, निजी शोध संस्थानों के संचालक तथा प्राइवेट ट्रस्ट के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न कॉलेजों के प्रोफेसर और लाइब्रेरी विभाग के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। बैठक में इन विशेषज्ञों ने पांडुलिपियों के ऐतिहासिक महत्व और उनके वैज्ञानिक संरक्षण पर अपने विचार साझा किए। डिप्टी कलेक्टर मोतीलाल अहिरवार ने बैठक में निर्देश दिए कि कॉलेज की लाइब्रेरी, मठों, चर्च, मस्जिदों, एवं शिवपुरी के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षित रखी गई प्राचीन पांडुलिपियों, शिलालेख, पुरातन जानकारियां जो संरक्षित है का उचित सूचीकरण किया जाए। और ऐसे ही अन्य दस्तावेजों की खोज की जाए।डिजिटलीकरण अभियान 'ज्ञान भारत मिशन' के तहत सभी दुर्लभ पांडुलिपियों, शिलालेख, और पुरातन जानकारियों को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। जिससे इनका डिजिटलाइजेशन होने के बाद कही से भी इसकी जानकारी ली जा सके।शोध को बढ़ावाशोध संस्थानों और कॉलेज के छात्रों को इन पांडुलिपियों पर अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए ताकि प्राचीन ज्ञान को आधुनिक समाज तक पहुँचाया जा सके। डिप्टी कलेक्टर ने सभी उपस्थित प्रोफ़ेसरों और संस्था प्रमुखों से आग्रह किया कि वे अपनी विशेषज्ञता का लाभ इस मिशन को दें। बैठक के अंत में सभी ने मिलकर इस सांस्कृतिक धरोहर को बचाने का संकल्प लिया।

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