शिवपुरी। नगर के वार्ड क्रमांक 27 स्थित विष्णु मंदिर के पीछे, गणेश कॉलोनी में जल निकासी की बदहाल व्यवस्था को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश और चिंता देखी जा रही है। मानसून की दस्तक से ठीक पहले, बरसों पुरानी जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने की कगार पर पहुँच गई है। स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि जिस मुख्य नाली से पूरे क्षेत्र का वर्षा जल बाहर निकलता था, आज उस पर हुए बेतरतीब अतिक्रमण के कारण आने वाले दिनों में पूरी कॉलोनी जलमग्न हो सकती है।
सफाई का रास्ता बंद, नाली पर खड़े हो गए पक्के मकान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फिजिकल थाने के सामने स्थित गणेश मंदिर क्षेत्र का वर्षा जल विष्णु मंदिर के पीछे बनी इसी नाली के माध्यम से आगे निकलता है। पूर्व में तत्कालीन पार्षद द्वारा नगर पालिका के सहयोग से निजी भूमि पर इस नाली का निर्माण कराया गया था, जिससे क्षेत्र को जलभराव से मुक्ति मिली हुई थी। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। नाली तक पहुँचने वाला लगभग 10 फीट चौड़ा रास्ता, जो कभी सफाई और मरम्मत के काम आता था, वह दोनों तरफ से अतिक्रमण की चपेट में आ चुका है। नाली के ठीक ऊपर तक पक्के निर्माण कर लिए गए हैं, जिससे अब इसकी सफाई कर पाना नगर पालिका के लिए भी लगभग असंभव हो गया है।
खाली प्लॉट हुए खत्म, बढ़ेगी सीलन और बीमारी
क्षेत्रवासियों ने बताया कि पहले आसपास कई खाली भूखंड (प्लॉट) थे, जो अतिरिक्त पानी को सोख लेते थे या निकास में मददगार थे। अब सभी वैध प्लॉटों पर मकान बन चुके हैं, जिससे पानी के फैलाव के लिए कोई जगह नहीं बची है। पूरी कॉलोनी का दारोमदार इसी एकमात्र नाली पर है, जो समय रहते साफ न होने पर आने वाले दिनों में दलदल और गंदगी का बड़ा नाला बन जाएगी। पानी रुकने से न केवल मकानों की नींव कमजोर होगी और सीलन आएगी, बल्कि मच्छरों, सांपों और अन्य जहरीले जीवों के पनपने से क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा भी पैदा हो गया है।
अवैध कॉलोनी का दबाव, नियमों की उड़ रही धज्जियां
मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। गणेश कॉलोनी के ठीक सामने स्थित एक अन्य कॉलोनी को प्रशासन द्वारा अवैध घोषित कर नए निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद, वहाँ धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी हैं। नागरिकों का आरोप है कि इन नए अवैध भवनों की जल निकासी का बोझ भी इसी पहले से जाम पड़ी नाली पर डाला जा रहा है, जिससे समस्या और अधिक विकराल हो गई है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन और जिला अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि पहली बारिश होने से पहले मौके का तत्काल निरीक्षण किया जाए। नाली पर हुए अवैध निर्माण और अतिक्रमण को हटाकर जल निकासी का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि आगामी मानसून में किसी भी प्रकार की जनहानि, संपत्ति के नुकसान या गंभीर स्वास्थ्य संकट से बचा जा सके।


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