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पवन भार्गव एंटी करप्शन न्यूज़ शिवपुरी BIG BREAKING:- कोलारस डेंगू से लड़ाई लड़ रहा है शिशु मन्दिर का छात्र कृष्णा,हालत गंभीर

पवन भार्गव शिवपुरी कोलारस


एंटी करप्शन न्यूज़ रिपोर्ट

अभी शिवपुरी शहर के st.चार्ल्स स्कूल की मासूम  छात्रा सहित एक अन्य मासूम की डेंगू से हुई मौत के मातम से शहर उभरा नहीं कि अब कोलारस नगर के सरस्वती शिशु बिद्या मंदिर स्कूल की कक्षा 6 में पड़ने वाला छात्र कृष्णा रजक उम्र 11साल डेंगू से जिन्दगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है कृष्णा की गंभीर हालत के चलते उसे ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। 

जानकारी के अनुसार कोलारस नगर के खटीक मोहल्ला निवासी कृष्णा रजक पुत्र राजू रजक उम्र 11साल को बीते 5-6 दिन पूर्व बुखार आया जिसके बाद उसके परिजनों ने उसे नगर के ही निजी अस्पताल संजीवनी में दिखाया जहां से आराम न मिलने पर शिवपुरी ले गए जहां कृष्णा को डेंगू होना पाया गया ,जिसके बाद हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है ,जहां यह मासूम जानलेवा डेंगू से लड़ाई लड़ रहा है ।

यहां गौरतलब होगा कि बिगत दिनांक 23तारीख मंगलवार को हमारे द्वारा समाचार के माध्यम से उक्त विद्यालय(सरस्वती शिशु बिद्या मंदिर) की बास्तविक स्थित से आपको रूबरू कराया गया था जहां के हालात देखने पर यहां 99.9% डेंगू पनपने की संभावना दिखाई दे रही है ,जिस पर  स्कूल प्रबंधन का कोई ध्यान नहीं है और फिर कृष्णा को डेंगू होने का मामला सामने आते ही यहां जो संभाबना है वह अब यकीन में बदलती नजर आ रही है ।

उक्त स्कूल में बच्चों को किसी प्रकार की सुविधा होना तो बहुत दूर लेकिन दुभिदाओं की भी कमी नहीं है ।बाबजूद इसके स्कूल प्रबंधन गहरी नींद में सोया हुआ है ।

ये हैं यहां के हालात -

जर्जर होती स्कूल की बिल्डिंग, चारों ओर से गाजर घांस से घिरा हुआ स्कूल परिसर ।


 बच्चों को पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं ,माह में 1बार आता है पानी का टेंकर।


स्कूल में रखी टंकी जो कि महीनों से सफाई की बाट जोह रही है ।


इसके अलावा गाये भैंसों के तबेले जैसी हालत में मिले शौचालय जहां मानों बर्षों से सफाई ही नहीं हुई ।


बालिका शौचालय में रखी पानी की टंकी जो कि पिछले माह भारी गयी थी, जिसमें जमी भारी गंदगी ।


ये हालात यहां चीख-चीखकर स्कूल प्रबंधन को कुंभकर्णी नींद से जगाने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं लेकिन स्कूल प्रबंधन पर इसका कोई असर  पड़ता नजर नहीं आ रहा है। जिसे देखकर यहां यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि खुद  स्कूल प्रबंधन यहां किसी अप्रिय घटना को आमंत्रण दे रहा है।

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