महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने सराहनीय पहल की है। आज लगभग आठ हजार आँगनवाड़ी केन्द्रों में मंत्री सहित प्रमुख सचिव, आयुक्त, 10 संभागीय संयुक्त संचालक, 52 जिला कार्यक्रम अधिकारी, 3 हजार 400 पर्यवेक्षक तथा संचालनालय के अपर संचालक, उप संचालक तथा सहायक संचालक ने निरीक्षण कर केन्द्र संचालन में सहभागिता की।
हरा मटर और धनिया आहार में शामिल करें
मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने आज गुना जिले के म्याना 4 एवं गणेशपुरा आँगनवाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्रीमती इमरती देवी ने आँगनवाड़ी कार्यकताओं से कहा कि पोषण आहार वितरण में कोई गडबड़ी नहीं होनी चाहिए। शिकायत मिलने पर कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि हरी मटर और धनिया का इस्तेमाल बच्चों के नाश्ते में करें। इसके उपयोग से स्वाद बढ़ जाता है और बच्चों को पौष्टिक आहार भी मिलेगा। श्रीमती इमरती देवी ने बच्चों से भोजन के बारे में भी जानकारी ली।
बचपन पढ़ने-खेलने के लिए है, अपराध के लिए नहीं
मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने नानाखेड़ी में बाल सम्प्रेक्षण गृह का अवलोकन भी किया। उन्होंने बच्चों को समझाइश दी कि बचपन सिर्फ पढने-लिखने और खेलने के लिए होता है। अपराध जीवन को नष्ट कर देता है। उन्होंने कहा कि अगर कभी माँ-बाप भी मजबूरीवश गलत काम करने को कहते हैं, तो उनकी बात न माने। इससे अच्छा है कि मेहनत करे। अपराध की ओर न बढे, पढ़े-लिखे और अपने और माता-पिता का जीवन सुखमय बनाये। श्रीमती इमरती देवी ने संप्रेक्षण गृह में स्थित चिकित्सा कक्ष, परामर्श कक्ष, बच्चों की शालाओं का भी निरीक्षण किया।
आयुक्त महिला-बाल विकास श्री एम.बी. ओझा ने भोपाल के सुभाषनगर स्थित आँगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक 542 एवं 543 का निरीक्षण कर बच्चों से चर्चा की।
हरा मटर और धनिया आहार में शामिल करें
मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने आज गुना जिले के म्याना 4 एवं गणेशपुरा आँगनवाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्रीमती इमरती देवी ने आँगनवाड़ी कार्यकताओं से कहा कि पोषण आहार वितरण में कोई गडबड़ी नहीं होनी चाहिए। शिकायत मिलने पर कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि हरी मटर और धनिया का इस्तेमाल बच्चों के नाश्ते में करें। इसके उपयोग से स्वाद बढ़ जाता है और बच्चों को पौष्टिक आहार भी मिलेगा। श्रीमती इमरती देवी ने बच्चों से भोजन के बारे में भी जानकारी ली।
बचपन पढ़ने-खेलने के लिए है, अपराध के लिए नहीं
मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने नानाखेड़ी में बाल सम्प्रेक्षण गृह का अवलोकन भी किया। उन्होंने बच्चों को समझाइश दी कि बचपन सिर्फ पढने-लिखने और खेलने के लिए होता है। अपराध जीवन को नष्ट कर देता है। उन्होंने कहा कि अगर कभी माँ-बाप भी मजबूरीवश गलत काम करने को कहते हैं, तो उनकी बात न माने। इससे अच्छा है कि मेहनत करे। अपराध की ओर न बढे, पढ़े-लिखे और अपने और माता-पिता का जीवन सुखमय बनाये। श्रीमती इमरती देवी ने संप्रेक्षण गृह में स्थित चिकित्सा कक्ष, परामर्श कक्ष, बच्चों की शालाओं का भी निरीक्षण किया।
आयुक्त महिला-बाल विकास श्री एम.बी. ओझा ने भोपाल के सुभाषनगर स्थित आँगनवाड़ी केन्द्र क्रमांक 542 एवं 543 का निरीक्षण कर बच्चों से चर्चा की।
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