दतिया, मोनू साहू
दतिया | 27-फरवरी-2019
जहां चाह वहां राह वाली कहावती ग्राम सिमथरा तहसील भाण्ड़ेर जिला दतिया की भूरी प्रजापति पर चरितार्थ होती है। गरीबी की हालत में जीवन जी रहीं भूरी प्रजापति को आगे बड़ने की ललक थी। उन्होंने आजीविका मिशन का सहारा लिया और आज प्रतिमाह पांच हजार रूपये की आमदनी प्राप्त कर खुशहाल जीवन जी रही है।
मध्यप्रदेश सरकार कमजोर परिवारों को आजीविका मिशन के माध्यम से ऊपर लाने के लिए कृत संकल्पित है। मिशन की गतिविधयों में भूरी प्रजापति ने शामिल होकर स्व सहायता समूह बनाया। 75 हजार रूपये ऋण लिया और अगरबत्ती निर्माण का काम शुरू किया। आजीविका मिशन द्वारा उन्हें कुशल प्रशिक्षक से प्रशिक्षण दिलाया। प्रशिक्षण के उपरांत ऋण राशि से मशीनें लेकर प्रगतिशील महिला ने अगरबत्ती निर्माण शुरू किया और दतिया में अगरबत्तियों की बिक्री शुरू की। आज स्थिति यह यह है कि न केवल वह स्वयं बल्कि समूह की अन्य महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करा रही है। जिला परियोजना समन्वय ग्रामीण आजीविका मिशन शंतवी खलको ने बताया जिले में आजीविका मिशन के द्वारा कमजोर परिवारों को आत्म निर्भर बनाया जा रहा है।
जहां चाह वहां राह वाली कहावती ग्राम सिमथरा तहसील भाण्ड़ेर जिला दतिया की भूरी प्रजापति पर चरितार्थ होती है। गरीबी की हालत में जीवन जी रहीं भूरी प्रजापति को आगे बड़ने की ललक थी। उन्होंने आजीविका मिशन का सहारा लिया और आज प्रतिमाह पांच हजार रूपये की आमदनी प्राप्त कर खुशहाल जीवन जी रही है।
मध्यप्रदेश सरकार कमजोर परिवारों को आजीविका मिशन के माध्यम से ऊपर लाने के लिए कृत संकल्पित है। मिशन की गतिविधयों में भूरी प्रजापति ने शामिल होकर स्व सहायता समूह बनाया। 75 हजार रूपये ऋण लिया और अगरबत्ती निर्माण का काम शुरू किया। आजीविका मिशन द्वारा उन्हें कुशल प्रशिक्षक से प्रशिक्षण दिलाया। प्रशिक्षण के उपरांत ऋण राशि से मशीनें लेकर प्रगतिशील महिला ने अगरबत्ती निर्माण शुरू किया और दतिया में अगरबत्तियों की बिक्री शुरू की। आज स्थिति यह यह है कि न केवल वह स्वयं बल्कि समूह की अन्य महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करा रही है। जिला परियोजना समन्वय ग्रामीण आजीविका मिशन शंतवी खलको ने बताया जिले में आजीविका मिशन के द्वारा कमजोर परिवारों को आत्म निर्भर बनाया जा रहा है।

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