नई दिल्ली: विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने पाकिस्तान में अपने साथ हुए बर्ताव को लेकर बड़ा खुलासा किया है. सूत्रों के अनुसार विंग कमांडर अभिनंदन ने बताया है कि उन्हें पाकिस्तान में मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी थी. अभिनंदन वर्धमान ने यह खुलासा भारत आने के बाद ही किया. भारत सरकार इस मामले को बड़े स्तर पर उठाने की तैयारी में है ताकि पाकिस्तान के को विश्व पटल पर बेनकाब किया जा सके. बता दें कि अभिनंदन को शुक्रवार रात करीब सवा नौ बजे भारत के हवाले किया गया था. विंग कमांडर के इस खुलासे के बाद पाकिस्तान पर इस मामले में जेनेवा कन्वेंशन के नियमों की अनदेखी करने का आरोप लग रहा है. कन्वेंशन के नियमों के दौरान ऐसे किसी भी कैदी को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया जा सकता है. ध्यान हो कि विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तानी अधिकारियों ने 27 फरवरी को पकड़ लिया था. दरअसल, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के साथ हुई एक झड़प के दौरान उनका मिग 21 गिर गया था. लेकिन उन्होंने अपने विमान के गिरने से पहले पाकिस्तानी वायुसेना के एफ - 16 को मार गिराया था. वतन वापसी के बाद अभिनंदन की मेडिकल जांच के बाद उन्हें अब वायु सेना के हॉस्टल में शिफ्ट करा दिया गया है. हालांकि अभी तक यह साफ नहीं पाया है कि अभिनंदन की मेडिकल रिपोर्ट में क्या निकल कर आया है.
विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की मेडिकल जांच हुई पूरी, वायु सेना के हॉस्टल में किया गया शिफ्ट
दरअसल, शुक्रवार को पाकिस्तान विंग कमांडर अभिनंदन को भारत को सौंपने वाला था. इसके लिए भारत की ओर से पूरी तैयारियां की जा चुकी थीं. वायुसेना के अधिकारी, भारतीय दूतावास के अधिकारी और सरकार के प्रतिनिधि सभी समय पर तैयार थे, मगर पाकिस्तान की चालबाजियों ने दोपहर से रात कर दिया. पहले पाकिस्तान की ओर से ही बताया गया था कि अभिनंदन को वह करीब दोपहर में 3 से चार बजे के बीच में रिहा कर देगा, मगर उसने बार-बार देरी की. इसके पीछे कई वजहें बताईं जा रही हैं. मसलन, वह इस घटना को लाइम लाइट में लाना चाहता था. वह चाहता था कि पूरी दुनिया की नजर इस खबर पर हो.
पाकिस्तान के PM इमरान खान अभिनंदन वर्धमान को सौंपने की प्रक्रिया सुचारू बनाने के लिये लाहौर में थे: सूत्र
क्या देरी पाकिस्तान की कोई चाल थी?
शुक्रवार शाम के तीन बजे के आस-पास अभिनंदन को पाकिस्तान ने रावलपिंडी से लाहौर पहुंचा दिया गया था. मगर लाहौर से वाघा बॉर्डर लाने में उसने इतनी देर लगा दी, जिससे उसके नापाक इरादे भी सबसे सामने जाहिर हो गए. सूत्रों की मानें तो अभिनंदन को लाहौर में स्थित किसी सेना के छावनी में रोक कर रखा गया था और पाकिस्तान ने अभिनंदन का जबरन एक वीडियो बनवाया.
Abhinandan Varthaman: विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की वतन वापसी भारत-पाकिस्तान के बीच कम कर सकती है तनाव
यह बात भी सही है कि पाकिस्तान और भारत के बीच दस्तावेज की प्रक्रिया में भी कुछ समय की देरी हुई थी, मगर यह देरी इतनी भी नहीं थी कि अभिनंदन की वापसी में दोपहर से रात हो जाए. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय पायलट अभिनंदन को भारत को सौंपे जाने में देरी इसलिए हुई क्योंकि, उनसे पाकिस्तानी अधिकारियों ने कैमरे पर बयान दर्ज करने को कहा. इसके बाद ही उन्हें सीमा पार करके स्वदेश जाने दिया गया. इसके अलावा दस्तावेजों से संबंधित मुद्दे भी देरी की वजह बनी. सूत्रों ने बताया था कि पाकिस्तान ने उनकी रिहाई का समय दो बार टाल दिया.
स्वदेश पहुंचने के बाद विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने सबसे पहले कही यह बात...
वतन वापसी पर क्या थी अभिनंदन के पहली प्रतिक्रिया?
अमृतसर के उपायुक्त शिव दुलार सिंह ढिल्लों ने बताया कि बहादुर पायलट अपने देश लौटकर खुश है. यह पूछे जाने पर कि अभिनंदन ने स्वदेश लौटने पर अधिकारियों से क्या कहा, उपायुक्त ने कहा था कि वह पहले मुस्कुराए और बोले, 'मैं अपने देश वापस लौटकर खुश हूं.' वाघा अटारी सीमा पर कुछ औपचारिकताओं के बाद उन्हें बीएसएफ अधिकारियों को सौंप दिया गया. बाद में वायुसेना के अधिकारी अपने साथ अभिनंदन को लेकर आए. इसके बाद विंग कमांडर को अटारी सीमा से वायुसेना के वाहन में अमृतसर ले जाया गया. इस दौरान पंजाब पुलिस की गाड़ियां उनके वाहन के साथ चल रही थीं. इसके बाद वर्धमान को हवाई मार्ग से दिल्ली लाया गया.
...इस वजह से IAF पायलट अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तान ने भारत को लौटाने में की देरी!
पाक सरजमीं पर अभिनंदन के वो 60 घंटे:
विंग कमांडर अभिनंदन 27 फरवरी को सुबह करीब दस बजे पाकिस्तानी वायुसेना के फाइटर प्लेन का पीछा करते हुए पाकिस्तान की सीमा में जा घुसे थे. पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराने के बाद अभिनंदन का विमान भी क्रैश हो गया. इस वजह से उन्हें किसी तरह पैराशूट की मदद से उतरना पड़ा. जब वह नीचे आए त
विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की मेडिकल जांच हुई पूरी, वायु सेना के हॉस्टल में किया गया शिफ्ट
दरअसल, शुक्रवार को पाकिस्तान विंग कमांडर अभिनंदन को भारत को सौंपने वाला था. इसके लिए भारत की ओर से पूरी तैयारियां की जा चुकी थीं. वायुसेना के अधिकारी, भारतीय दूतावास के अधिकारी और सरकार के प्रतिनिधि सभी समय पर तैयार थे, मगर पाकिस्तान की चालबाजियों ने दोपहर से रात कर दिया. पहले पाकिस्तान की ओर से ही बताया गया था कि अभिनंदन को वह करीब दोपहर में 3 से चार बजे के बीच में रिहा कर देगा, मगर उसने बार-बार देरी की. इसके पीछे कई वजहें बताईं जा रही हैं. मसलन, वह इस घटना को लाइम लाइट में लाना चाहता था. वह चाहता था कि पूरी दुनिया की नजर इस खबर पर हो.
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क्या देरी पाकिस्तान की कोई चाल थी?
शुक्रवार शाम के तीन बजे के आस-पास अभिनंदन को पाकिस्तान ने रावलपिंडी से लाहौर पहुंचा दिया गया था. मगर लाहौर से वाघा बॉर्डर लाने में उसने इतनी देर लगा दी, जिससे उसके नापाक इरादे भी सबसे सामने जाहिर हो गए. सूत्रों की मानें तो अभिनंदन को लाहौर में स्थित किसी सेना के छावनी में रोक कर रखा गया था और पाकिस्तान ने अभिनंदन का जबरन एक वीडियो बनवाया.
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यह बात भी सही है कि पाकिस्तान और भारत के बीच दस्तावेज की प्रक्रिया में भी कुछ समय की देरी हुई थी, मगर यह देरी इतनी भी नहीं थी कि अभिनंदन की वापसी में दोपहर से रात हो जाए. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय पायलट अभिनंदन को भारत को सौंपे जाने में देरी इसलिए हुई क्योंकि, उनसे पाकिस्तानी अधिकारियों ने कैमरे पर बयान दर्ज करने को कहा. इसके बाद ही उन्हें सीमा पार करके स्वदेश जाने दिया गया. इसके अलावा दस्तावेजों से संबंधित मुद्दे भी देरी की वजह बनी. सूत्रों ने बताया था कि पाकिस्तान ने उनकी रिहाई का समय दो बार टाल दिया.
स्वदेश पहुंचने के बाद विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने सबसे पहले कही यह बात...
वतन वापसी पर क्या थी अभिनंदन के पहली प्रतिक्रिया?
अमृतसर के उपायुक्त शिव दुलार सिंह ढिल्लों ने बताया कि बहादुर पायलट अपने देश लौटकर खुश है. यह पूछे जाने पर कि अभिनंदन ने स्वदेश लौटने पर अधिकारियों से क्या कहा, उपायुक्त ने कहा था कि वह पहले मुस्कुराए और बोले, 'मैं अपने देश वापस लौटकर खुश हूं.' वाघा अटारी सीमा पर कुछ औपचारिकताओं के बाद उन्हें बीएसएफ अधिकारियों को सौंप दिया गया. बाद में वायुसेना के अधिकारी अपने साथ अभिनंदन को लेकर आए. इसके बाद विंग कमांडर को अटारी सीमा से वायुसेना के वाहन में अमृतसर ले जाया गया. इस दौरान पंजाब पुलिस की गाड़ियां उनके वाहन के साथ चल रही थीं. इसके बाद वर्धमान को हवाई मार्ग से दिल्ली लाया गया.
...इस वजह से IAF पायलट अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तान ने भारत को लौटाने में की देरी!
पाक सरजमीं पर अभिनंदन के वो 60 घंटे:
विंग कमांडर अभिनंदन 27 फरवरी को सुबह करीब दस बजे पाकिस्तानी वायुसेना के फाइटर प्लेन का पीछा करते हुए पाकिस्तान की सीमा में जा घुसे थे. पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराने के बाद अभिनंदन का विमान भी क्रैश हो गया. इस वजह से उन्हें किसी तरह पैराशूट की मदद से उतरना पड़ा. जब वह नीचे आए त

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