ग्वालियर - उपचुनाव की घोषणा के साथ राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कमल नाथ को सवा साल केवल कुर्सी और तिजोरी की चिंता रही है। विकास के नाम पर सबकुछ चौपट कर दिया। प्रदेश व ग्वालियर-चंबल अंचल का विकास नहीं करके कमल नाथ ने गद्दारी की है।
4 दिवसीय प्रवास पर गुरुवार को ग्वालियर आए सिंधिया ने विमानतल पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान यह बात कही। कमल नाथ के काफिले पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिंधिया ने कहा कि लोकतंत्र में किसी के भी काफिले पर हमला होना निंदनीय है। राजनीति में आमने-सामने जरूर होते हैं और सभी को अपना पक्ष रखने का अधिकार होता है। मेरा मानना हैं राजनीति का एक स्तर होना चाहिए। हालांकि कांग्रेस ने राजनीति में जो स्तर दिखाया है, वह ठीक नहीं हैं। उन्हें खुद अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए
अब विकास के लिए पैसा कहां से आ रहा है
राज्यसभा सदस्य सिंधिया ने कहा कि 6 माह पहले तक कुछ लोगों से विकास की बात करने पर कहते थे कि पैसा ही नहीं है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश सरकार की बागडोर संभालने के बाद केवल ग्वालियर चंबल अंचल ही नहीं पूरे प्रदेश में विकास कार्यों को शुरू करने के लिए करोड़ों रुपया दिया है। पूरे प्रदेश में विकास कार्यों ने गति पकड़ी है। सिंधिया ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनके सामने असंभव कार्य ले जाओ तो वह भी संभव हो जाता है। उनमें शिवराज का नाम शामिल है। जबकि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिनके सामने संभव काम ले जाने पर असंभव हो जाते हैं। ऐसे लोगों का मैं नाम लेना जरूरी नहीं समझता हूं।
विमानतल पर समर्थकों में विवाद
राज्यसभा सदस्य सिंधिया गुरुवार की सुबह विमान से दिल्ली से ग्वालियर आए। विमानतल पर उनके समर्थक आगवानी के लिए पहुंचे थे। यहां जब सिंधिया मीडिया से कर रहे थे तो उनके पीछे खड़े होने को लेकर रामसुंदर व संजय शर्मा के बीच विमानतल पर विवाद हो गया। सिंधिया के मुरैना रवाना होने के बाद दोनों के बीच तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई। एक पुलिस अधिकारी व अन्य समर्थकों ने दोनों को समझाबुझाकर मामला शांत कराया। संजय शर्मा का कहना है कि मैं सिंधिया के पीछे खड़ा था, कुछ लोग पीछे से मेरा कुर्ता खींच रहे थे। इसी बात को लेकर रामसुंदर से कहासुनी हुई है। वहीं रामसुंदर का कहना है कि मीडिया के लोग सिंधिया के पीछे खड़े होने पर आपत्ति कर रहे थे, मेरा किसी से कोई विवाद नहीं हुआ।

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