अवैध रेत उत्खनन के लिए माफिया ने गर्मी का दौर शुरू होने से पहले ही सिंध नदी पर बने तीन स्टॉप डैम के गेट निकालकर पानी बहा दिया। स्टॉप डैम खाली होते ही 30 से अधिक गांवों में जल संकट गहराने लगा है। माफिया की करतूत की वजह से ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का समस्या खड़ी होने लगी है। डैम खाली होने से रोकने के लिए प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। अवैध उत्खनन रोकने पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यदि अभी सख्ती नहीं बरती तो अगले साल फिर ऐसे ही हालाता होंगे।
रेत के लिए दांव पर जीवन
- घुरवार, रिजौदी और पचावली स्थित स्टॉप डैम के गेट निकाल कर पानी बहा दिया है। जिससे नदी सूख गई है। पिछले साल नदी लबालब भरी थी, आज मैदान नजर आ रही है। रेत माफिया ने ग्रामीणों के सामने पानी का संकट खड़ा कर दिया है।
- 30 से अधिक गांव जैसे रिजौदी, बरौदिया, गिदौरा, पीरौंठ, देवरी, मगरौरा, बारौद, धोलपुर, खाईखेड़ा, इंदार, अलावदी, खतौरा, गणेशखेड़ा आदि में जल स्तर गिर गया है। कुएं सूखने के साथ हैंडपंप में कम मात्रा के साथ मटमैला पानी आने लगा है। कई हैंडपंप पानी देना बंद कर चुके हैं।
x
जल संकट गहराने पर निजी बोरवेल अधिग्रहीत करेंगे
यह बात सही है कि कुछ लोगों ने गड़बड़ी कर दी थी, इसलिए हमने जल संसाधन विभाग से बात करके कर्मचारियों की ड्यूटी लगवाई थी। जहां जल स्तर गिरा है, वहां पानी का संकट गहराने की स्थिति में तैयारियां की हैं। जरूरत पड़ने पर निजी बोरवेल अधिग्रहित करेंगे। पूरी जानकारी वरिष्ठों को भी दे रहे हैं।
x
x
x

0 टिप्पणियाँ