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बोर्ड परीक्षाओं पर संक्रमण का साया:कमजोर तबके के बच्चों को इस बार भी आरटीई में प्रवेश मुश्किल

 


कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण आरटीई के तहत इस बार भी कमजोर वर्ग के परिवारों के बच्चों के प्रवेश प्राइवेट स्कूलों में मुश्किल है। दूसरी तरफ 17 अप्रैल से प्रारंभ होने वाले बोर्ड के प्रैक्टिकल व मुख्य परीक्षा पर भी संक्रमण का साया बरकरार है। कक्षा 9 और 11 के छात्रों की परीक्षा विभाग ओपन बुक पद्धति से कराने की तैयारी कर रहा है। संक्रमण के कारण फिर पैदा हुए खतरे के कारण ही 12 अप्रैल को भोपाल में परीक्षा संबंधी बैठक रखी गई है। इसमें आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। वर्ष 2020-21 में जिले के 1179 स्कूलों की प्रारंभिक कक्षाओं में 10 हजार 287 सीटें आरटीई के तहत रिजर्व रखी गई थीं। संक्रमण बढ़ने के बाद स्कूल बंद हो गए और इसी कारण प्रवेश नहीं हो सके। जो छात्र उम्र या प्रारंभिक कक्षा के हिसाब से गत वर्ष आरटीई के लिए पात्र थे, अब वर्ष 2021-22 में उम्र और कक्षा बढ़ने से अब वे सारे अपात्र हो गए हैं। ऐसे ही इस वर्ष भी 1301 स्कूलों में 25 फीसदी के हिसाब से आरटीई के पात्र छात्रों के लिए 10 हजार 802 सीटें रिजर्व रखी गई हैं। इस बार भी हालात ऐसे नहीं है कि इन सीटों को वंचित वर्ग के छात्रों से भरा जा सके।

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