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JP अस्पताल में विधायक पीसी के समर्थकों का हंगामा; कोरोना नोडल अफसर डॉ. श्रीवास्तव ने रोते हुए कहा- गाली खाने के लिए नौकरी नहीं करूंगा



भोपाल जयप्रकाश जिला अस्पताल में शनिवार को मरीज की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिवार वालों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस बीच मरीज का इलाज करने वाले डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव ने अपने साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा कर पद से इस्तीफा दे दिया है। वे जेपी अस्पताल में कोरोना के नोडल अधिकारी और मेडिकल स्पेशलिस्ट भी हैं।

श्रीवास्तव ने कहा,'मरीज गंभीर हालत में आया था। उसका ऑक्सीजन सेचुरेशन 30 प्रतिशत था। उसके परिजनों को बता दिया था कि उसको बाहर भी नहीं भेज सकते। मैंने बहुत मेहनत की। फिर भी बचा नहीं सके। इसके बाद बाहर से आए लोगों ने मेरे साथ बदतमीजी करते हुए गाली दी। गाली खाने के लिए नौकरी नहीं करनी। मैं अस्पताल भी आऊंगा] तो भी मेरी मानसिक स्थिति ऐसी नहीं है कि कोरोना मरीजों की देखभाल कर पाऊंगा। मैंने अपना इस्तीफा दे दिया है।'

जानकारी के अनुसार भीम नगर निवासी तख्त सिंह शाक्य (40) को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। परिजन उनको लेकर शनिवार करीब 12.30 बजे जयप्रकाश अस्पताल पहुंचे। यहां मरीज को भर्ती कर लिया था और ऑक्सीजन लगा कर इलाज किया जा रहा था। मरीज की कोरोना रिपोर्ट भी नेगेटिव थी। मरीज के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए दबाव बना रहे थे। इलाज करने से मना कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने दूसरी जगह ले जाने का कहने की बात करते हुए उसकी ऑक्सीजन का मास्क भी हटा दिया। जिसके कारण करीब 2.30 बजे मरीज की मौत हो गई। वहीं, अस्पताल अधीक्षक राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि मरीज की हालत बहुत गंभीर थी। उसको भर्ती कर डॉक्टर इलाज कर रहे थे। उसका ऑक्सीजन सेचुरेशन बहुत कम था। इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। मरीज का इलाज करने वाले डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव ने इस्तीफा दिया है। हालांकि अभी उनके इस्तीफे देने के आवेदन पर निर्णय नहीं हुआ है।

डॉक्टर के साथ नोकझोंक का वीडियो आया सामने

अस्पताल में डॉ योगेन्द्र श्रीवास्तव और विधायक पीसी शर्मा एवं उनके साथ के लोगों की नोकझोंक का वीडियो सामने आया है। इसमें विधायक और उनके साथ के लोग डॉक्टर से बात नहीं करने का कारण पूछ रहे है। विधायक कहते है कि आप हमसे बात नहीं करेंगे तो किससे करेंगे। इसमें डॉक्टर उनको कारण गिना रहे है। तभी उनके साथ के लोग नाराज होकर चिल्लाते है कि आप विधायक से बात नहीं करेंगे तो किससे बात करेंगे। आप लोगों ने मजाक बना दिया है।

डॉक्टर से दुर्व्यवहार जैसी कोई बात नहीं

मुझे परिजनों ने बताया कि मरीज को डॉक्टर दूसरी जगह रैफर करने की बात कर रहे है। मुझसे भी डॉक्टर बात नहीं कर रहे थे। हम सिर्फ यह जानना चाहते थे कि जेपी में इलाज नहीं मिल रहा है तो मरीज को कहा ले जाए। हमीदिया, जेके अधिकतर अस्पतालों में यही हालात है। वहां चार मरीज मिले, जिनको अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा रहा था। यहां युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज का ऑक्सीजन मास्क डाॅक्टर के हटाने से उसकी मौत हुई। जहां तक डॉक्टर के दुर्व्यवहार का सवाल है तो मैं उनसे आराम से ही बात कर रहा था। मेरे साथ कुछ लोग थे, जिनसे गुस्से में नोंकझोंक हुई। दुव्यर्वहार जैसी कोई बात नहीं है।

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