भोपाल शहर में एक दिन में 77 हजार वैक्सीन लगाकर देश में नंबर- वन बनने तैयारियां धरी की धरी रह गईं। एक तरफ जहां इंदौर एक ही दिन में 76255 वैक्सीन लगाकर देश में नंबर वन बन गया तो वहीं दूसरी ओर 20 हजार वैक्सीन ही बचने पर सोमवार को राजधानी में लगने वाले नगर निगम के कैंप ही निरस्त करने पड़े। भोपाल में तैयारी इसलिए कर ली गई थीं कि 5 जून को 32,589 डोज लगाए गए, जो अब तक सर्वाधिक हैं। लेकिन जिले में पहले से वैक्सीन का इंतजाम नहीं किया और जरूरत से अधिक शेड्यूल तय कर लिए गए। जो नियमित सेंटर चलाए जा रहे थे, उनके साथ जिला प्रशासन और नगर निगम के कैंप भी शुरू करवा दिए।
शहर के सभी एसडीएम ने अपने क्षेत्र में और नगर निगम ने 19 जोन में 15 टीम बनाकर कवर्ड कैंपस में कैंप लगाना शुरू कर दिए। इतना ही नहीं स्वयंसेवी संस्थाओं और कई एसोसिएशन को डोज देने का वादा तक कर लिया। नतीजा यह हुआ कि जिले में जरूरी बैकअप के तौर पर रखीं 35 हजार वैक्सीन खत्म होने की कगार पर आ गईं। टीके की कमी के बाद भी रविवार को कैंप जारी रखे गए और शाम होते-होते महज 10 हजार वैक्सीन ही जिले में बचीं। जब संख्या देखा तो आनन-फानन में दूसरे जिलों से संपर्क करके 10 हजार वैक्सीन का जुगाड़ किया। इसे देखते हुए फिलहाल नगर निगम द्वारा वार्ड स्तर पर लगाए जाने वाले सभी कैंप निरस्त कर दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने रात में घटा दिए सेंटर पर वैक्सीन के स्लॉट
दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग ने रविवार रात 11 बजे जब शेड्यूल जारी किया तो उसमें सेंटर की संख्या तो 160 ही रखी, लेकिन वैक्सीन की संख्या 500 और 250 से घटाकर 109 प्रति सेंटर कर दी गई। इसमें 100 ऑनलाइन बुकिंग के जरिए और 9 वैक्सीन ऑन स्पॉट बुकिंग के लिए रखी गई। कैंप निरस्त करने के मामले में नगर निगम आयुक्त से बात करने का प्रयास किया, लेकिन जवाब नहीं मिला।

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