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रात को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया, संतुलन साधने महंत को भी दिया वही पद

 

 साल 2018 के विस चुनाव में भाजपा से बगावत कर बसपा से लड़े थे अंबरीश शर्मा (गुड्‌डू)

लगातार तीन बार टिकट कटने से नाराज होकर पार्टी से बगावत कर हाथी पर सवार होकर 2018 के चुनाव मैदान में उतरे अंबरीश शर्मा (गुड्डू) की मंगलवार को घर वापसी हो गई। भोपाल में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा के समक्ष उन्होंने पुनः पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। गुड्‌डू ने दोपहर में भाजपा में वापसी की और रात में उन्हें प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य बना दिया गया। लहार विस सीट पर संतुलन साधने के लिए रोमेश महंत को भी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नियुक्त किया गया।

यहां बता दें कि भाजपा नेता अंबरीश शर्मा गुड्डू को वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने टिकट देकर मौका दिया था। लेकिन इस चुनाव में गुड्डू 8621 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद पार्टी ने उन्हें दूसरा मौका नहीं दिया। हालांकि हर बार पार्टी लहार में अपना चेहरा बदलती रही। लेकिन सफलता नहीं मिली।

वहीं लगातार तीसरी बार वर्ष 2018 में फिर से भाजपा ने उनका टिकट काटकर पुनः पूर्व विधायक रसाल सिंह को मौका दिया तो अंबरीश शर्मा इस बात से खिन्न हो गए और उन्होंने बगावत करते हुए बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया। साथ ही हाथी पर सवार होकर चुनाव मैदान में उतर गए और इस बार उन्होंने 31 हजार से ज्यादा वोट लेकर पार्टी का गणित बिगाड़ दिया। वहीं करीब ढाई साल बाद अंबरीश शर्मा की पुनः घर वापसी हो गई है।

पिछले कई दिनों से थे भाजपा नेताओं के संपर्क में
अंबरीश के भाजपा में आने से लहार विधानसभा में जहां पार्टी की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। वर्तमान में पूर्व विधायक रसाल सिंह का लहार अच्छा दबदबा है। लेकिन गुड्डू की भी क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। इसके अलावा रोमेश महंत और सिंधिया समर्थक अशोक चौधरी भी भाजपा में हैं।

लगातार तीन बार विधानसभा का टिकट कटने से गुड्‌डू ने की थी भाजपा से बगावत

प्रदेश कार्यकारिणी में भिंड जिले का दबदबा

प्रदेश कार्यकारिणी में सिंधिया समर्थकों का दबदबा भिंड- भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रदेश कार्यकारिणी की घोषित की। प्रदेश कार्य समिति में अरविंद भदौरिया, अंबरीश शर्मा गुड्डू, संजीव कांकर, कृष्णकांता तोमर, रमेश दुबे व रोमेश महंत शामिल हैं। विशेष आमंत्रित सदस्यों में पूर्व सांसद भागीरथ प्रसाद, मुन्ना सिंह भदौरिया, एड. अवधेश सिंह कुशवाह, वीरेंद्र राणा, शिवशंकर समाधिया, अशोक चौधरी व देवेन्द्र नरवरिया का नाम शामिल है। स्थाई आमंत्रित सदस्यों में पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य हैं।

हर बार बसपा बिगाड़ती रही भाजपा के समीकरण

जिले की लहार विधानसभा कांग्रेस का अभेद किला बनी हुई है। इस किला को फतह करने के लिए भाजपा पिछले 35 सालों में कई चेहरे बदल चुकी। लेकिन हर बार बसपा, भाजपा के समीकरणों को बिगाड़ती रही है। वर्ष 2003 में जब भाजपा ने अंबरीश शर्मा गुड्डू को मौका दिया तो बसपा से रमाशंकर सिंह ने 50 हजार से ज्यादा वोट खींचकर कांग्रेस को जिता दिया।

वहीं 2008 में मुन्नी त्रिपाठी को उतारा तो फिर बसपा से रोमेश महंत दूसरे स्थान पर रहे। भाजपा तीसरे पर पहुंच गई। इसके बाद 2013 में पार्टी ने पूर्व विधायक रसाल सिंह को चुनाव मैदान में उतारा तो फिर बसपा के रोमेश ने भाजपा का समीकरण बिगाड़ दिया। ऐसे में 2018 के चुनाव में भाजपा रोमेश को पार्टी में ले आई और रसाल सिंह को पुनः मौका दिया। लेकिन इस बार अंबरीश शर्मा ने बसपा का दामन थाम कर फिर भाजपा का गणित बिगाड़ दिया।

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