भोपाल राजा भोज एयरपोर्ट पर मंगलवार शाम प्लेन हाइजैक करने का कॉल करने वाले तक गांधी नगर पुलिस नहीं पहुंच पाई है। पुलिस ने शुजालपुर से जिस उज्जवल को हिरासत में लिया है, उसके फोन से ये कॉल हुआ ही नहीं। टर्मिनल ड्यूटी ऑफिसर ने जो कॉल रिसीव किया, उसमें युवक का ही मोबाइल नंबर शो हो रहा है। एटीएस, भोपाल सायबर क्राइम और गांधी नगर पुलिस की तकनीकी जांच में खुलासा हुआ कि ये एक स्पूफिंग इंटरनेट कॉल (फेक कॉल) है। पुलिस की जांच अब दो अहम सवालों के इर्द-गिर्द घूम रही है।
पहला कि धमकी भरा कॉल करने वाला यदि उज्जवल नहीं है तो कौन है? दूसरा कि कॉलर ने उज्जवल का ही नंबर क्यों इस्तेमाल किया? इसलिए उससे अभी पूछताछ जारी है। ये कॉल मंगलवार शाम करीब सवा पांच बजे किया गया था। कॉलर ने अपना नाम उज्जवल बताते हुए कहा कि एक फ्लाइट भोपाल से और एक फ्लाइट इंदौर से हाइजैक करके पाकिस्तान ले जाएंगे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तकनीकी जांच में सामने आया है कि स्पूफिंग कॉल के लिए सर्वर जंप करवाया गया है। इनमें तीन सर्वर भारत के और एक यूरोप का इस्तेमाल हुआ। आगे और भी कई सर्वर की जानकारी सामने आ सकती है। भोपाल सायबर क्राइम इन सर्वर की जानकारी जुटा रही है।
सवाल; उज्जवल को फंसाने की साजिश या कुछ और मकसद?
पुलिस की जांच अभी दो सवालों पर टिकी है। सबसे अहम कि कॉलर ने उज्जवल का नंबर ही क्यों इस्तेमाल किया? इसके जवाब में पुलिस को 3 संदिग्धों की तलाश है, जिनके नाम पूछताछ में सामने आ रहे हैं। हालांकि इनसे पैसों के लेनदेन का विवाद ही सामने आया है। दूसरा सवाल ये है कि धमकी भरा कॉल करने वाला कौन है? इसका जवाब तभी मिलेगा, जब उक्त 3 संदिग्धों से पूछताछ हो जाए।
स्पूफिंग कॉल; 10 साल पहले विदेशों में आ गई थी यह तकनीक
किसी का भी मोबाइल नंबर शो करवाकर अपने मोबाइल फोन या इंस्टूमेंट से किसी को कॉल करना ही स्पूफिंग (फेक) कॉल कहलाता है। करीब दस साल पहले ये तकनीक विदेशों में आ गई थी, जो अब भारत में भी सामने आ रही है। सर्वर जंप करवाकर कई विदेशी वेबसाइट स्पूफिंग कॉल करवाती हैं। कुछ ऐसी भी हैं, जिनमें लॉगइन आईडी की जरूरत भी नहीं पड़ती

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