शिवपुरी जिले में जारी बारिश के दौर के साथ ही जुलाई के आखिरी दिन 424.13 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। इसी के साथ जिले की सामान्य औसत कोटे की 52% बारिश हो गई है। अब 48% बारिश और होते ही सामान्य औसत कोटा पूरा हो जाएगा। बीते चौबीस घंटों में शिवपुरी जिले में 45.28 मिमी औसत बारिश हुई है। जिसमें बदरवास तहसील में सबसे अधिक 130 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
ऊपरी क्षेत्रों में बारिश के चलते शिवपुरी के छर्च इलाके से होकर बहने वाली कूनो नदी भी उफान पर आ गई। सेसईपुरा स्थित कूनो जंगल रिसोर्ट के पास पुल डूब जोन से शिवपुरी-श्योपुर मार्ग 12 घंटे तक बंद रहा। जिले की बदरवास, कोलारस से होकर नरवर की तरफ बहने वाली सिंध नदी भी रात के बाद दिन भर उफान पर रही। इस कारण सिंध नदी पर बने मड़ीखेड़ा बांध का जल स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। खास बात यह है कि 1 जून से 17 जुलाई तक कुल 47 दिनों में महज 17% औसत बारिश हुई थी। लेकिन 18 जुलाई से 31 जुलाई तक महज 14 दिन में ही 34.81% औसत बारिश हो गई है। यानी 47 दिन की तुलना में दो सप्ताह में ही औसत कोटे की दोगुनी बारिश हो गई है।
बामौरी में 97 मिमी बारिश होने से सेसईपुरा पुल रात 2 बजे से दोपहर 2:30 बजे डूबा रहा
गुना जिले के बमौरी में चौबीस घंटे में 97 मिमी बारिश हो गई है। जिससे कूनो नदी में उफान आ गया। पोहरी तहसील के नजदीक शिवपुरी-श्योपुर मार्ग पर सेसईपुरा स्थित कूनो नदी का पुल रात 2 बजे डूब गया। शनिवार की दोपहर 2:30 बजे पानी का बहाव कम हुआ। पुल से पानी उतरने के बाद मार्ग चालू हो सका।
मड़ीखेड़ा बांध : 6.30 मीटर भरा, जल स्तर 333 मीटर पार हुआ
सिंध नदी के उफान पर चलने से पचावली पुल के लेवल से पानी बहने लगा। सीजन में ऐसा दूसरी बार हुआ है। सिंध नदी में बहाव अच्छा होने से नरवर तहसील में बने मड़ीखेड़ा (अटल सागर) बांध का जल स्तर शनिवार की शाम 5 बजे तक 333 मीटर पार हो गया है। इस सीजन में आखिरी जल स्तर 326.70 मिमी था। यानी अब तक बांध 6.30 मीटर भरा है। जबकि बांधा को 346.25 मीटर तक भरा जाना है। अधिकारियों का कहना है कि बांध का जल स्तर 336 मीटर होने की स्थिति में बिजली उत्पादन शुरू करा सकते हैं।
शिवपुरी शहर: कॉलोनियों के रास्तों में पानी भरा
शिवपुरी शहर में रात 11 बजे के बारिश का सिलसिला शुरू हो गया और शनिवार की सुबह 9 बजे तक चला। शहर में 34 मिमी बारिश के चलते शहर की कई कॉलोनियों के रास्तों में पानी भर गया। शिव कॉलोनी में पानी भरने से कार फंस गई। भदैया कुंड का झरना भी पूरी क्षमता के साथ गिरने लगा है।

0 टिप्पणियाँ