प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शुक्रवार को बाढ़ प्रभावितों से मिलने पोहरी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों के अलोगों से चर्चा की। पूर्व सीएम ने कहा कि मकलीझरा गांव के सुरेश जाटव ने मौखिक शिकायत करते हुए कहा है कि मुआवजा दिलाने के एवज में पटवारी और सचिव 2-2 हजार रु. मांग रहे हैं। हम सीएम को पत्र लिखेंगे कि पटवारी मुकेश बघेल और सचिव राजू धाकड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर इन्हें बर्खास्त किया जाए।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि लोगों के आरसीसी के मकान टूटकर गिर गए। मैं 23 गांवों में गया, उनमें से केवल 5-6 गांव में पटवारी-गिरदावल गए। एक पटवारी और पंचायत सचिव ने ग्रामीण से कहा कि ज्यादा मत लिखो, मेरी नौकरी चली जाएगी। इसका मतलब है कि सरकार की तरफ से आदेश है, जिनका नुकसान हुआ, उसे पूरा मत लिखो। पूर्व सीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आप चिंता मत करो, आपके बीच थे और रहेंगे। कांग्रेस ने ही गरीब की लड़ाई लड़ी है। ये सब गरीब लोग हैं, जिन्हें कांग्रेस ने जमीनें दीं, मकन दिए, बच्चों को स्कॉलरशिप और नौकरियां दीं। ये आगे भी देना चाहते थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह बोले कि बाढ़ पीड़ितों को गेहूं तो मिल गए, लेकिन दाल, नमक, तेल कहां से लाएंगे।
बड़े-बड़े महाराज के साथ भाग गए, बच्चे-बच्चे हमारे साथ रह गए
दिग्विजय सिंह ने पोहरी के कांग्रेस पदाधिकारियों के नाम लेते हुए कहा कि श्रीप्रकाशजी ने हमारी नई टीम खड़ी कर दी है। बड़े-बड़े, महाराज के साथ भाग गए, बच्चे-बच्चे हमारे साथ रह गए हैं। हम गरीबों की लड़ाई लड़ेंगे। सात अगस्त को पूर्व सीएम कमलनाथ के हवाई दौरे के वक्त पिछोर विधायक केपी सिंह मौजूद नहीं थे। केपी सिंह शुक्रवार को पूर्व सीएम के संग नजर आए।

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