सिंध नदी में उफान से दो रपटों के बीच गोराटीला टापू पर फंसे थे लोग
शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील में सिंध नदी में उफान से दो रपटों के बीच गोराटीला टापू पर 50 से अधिक लोग चार दिन तक फंसे रहे। सड़क बनाने वाली डायमंड कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों को बुधवार की देर शाम तक एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाल लिया है। कंपनी के मुरैना निवासी सिक्योरिटी इंचार्ज दुर्गेश परमार और भूपेंद्र तोमर ने बताया कि जब पानी के बीच घिर गए तो लगा कि अब जिंदा नहीं बचेंगे। दो रातें जागकर बिता दीं। रात-रात भर रोते थे, चिल्लाते थे।
सिंध नदी का पानी बढ़ता ही जा रहा था। डर सता रहा था कि इस बाढ़ में हम सब ना बह जाएं। इंतजार करते रहे कि कहीं से मदद आए और हम सबको यहां से निकाल ले। घर पर लगातार फोन पर बात होती रही। घर वाले बोलते रहे कि कैसे भी हो, निकल आओ। प्लांट पर राशन होने से खाने-पीने की दिक्कत नहीं आई।
रेस्क्यू के दौरान भूपेंद्र सिंह रावत, कल्लू ने पूरा सहयोग किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र रघुवंशी, एसडीएम गणेश जायसवाल, एसडीओपी अमरनाथ वर्मा, थाना प्रभारी संजय मिश्रा, अखिलेश शर्मा, भूपेंद्र सिंह रावत सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे देर शाम तक जारी था लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है।
घर वाले बहुत परेशान थे
घर वाले बहुत परेशान थे। कहते रहे कि कैसे भी करो, निकलो। शुक्र है रेस्क्यू टीम ने हमें निकाल लिया।
उमाकांत, हमीरपुर (उप्र)
बाढ़ ने घेरा तो डर गए हम
राशन होने से दिक्कत नहीं आई, लेकिन नदी की बाढ़ में दोनों तरफ से घिरे रहने से डर लग रहा था।
अमरपाल सिंह, मैनपुरी (उप्र)
50 लोग चार दिन से फंसे थे, राशन भी खत्म हो रहा था ^हम पचास लोग चार दिनों से फंसे थे, राशन का स्टॉक कम हो रहा था। मदद के इंतजार में तीन दिन बैठे, चौथे दिन हमें बाहर निकाला है। घर पर बीबी-बच्चाें से वीडियो कॉलिंग से बात होती रही। सभी परेशान थे। चार दिन मुश्किल से गुजरे। कुलदीप सिंह, ओरैया, (उप्र.)

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