बम्हनीडीह-:- इस नवाचार के माध्यम से शाला मे अध्यापन के साथ साथ मोबाइल से विडियो बनाकर व स्कीन विडियो बनाकर छात्रों के व पालकों के व्हाटसप , टेलिग्राम ग्रुप में प्रतिदिवस का अध्यापन विडीयो शेयर किया जाता है जिससे पालकों के पास जितने भी समय पर समय मिलता है उस समय पालक अपने बच्चों को विडियो दिखाकर खुद बच्चों को अध्यापन कराते है, इसमे पढ़ने लिखने की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है इसलिए इस नवाचार का नाम पढ़बो-लिखबो कतको बेरा दिया गया।
स्वीकृति मंच संचालन समिति राजेश कंवर जी ने कहा कि वर्तमान समय में कक्षायें आल्टरनेट से संचालित हो रहे है और बच्चे रोज स्कूल नहीं आ पा रहे है ,साथ ही कक्षा छठवीं, सातवीं, नवमीं व ग्याहरवीं की शालायें में विघालय में संचालित नहीं हो पा रहा जो आन-लाइन या मोहल्ला कक्षा से अध्यापन कार्य संचालित है।आगे उन्होंने बताया कि उन बच्चों के लिए यह नवाचार एक बेहतर विकल्प है जिससे बच्चे रोज अपने पालकों के सहयोग से घर में रहकर किसी समय पढा़ई करेंगे साथ ही शिक्षक अपने बच्चों के अधिगम स्तर से विदित होते है और बच्चों के अधिगम स्तर अनुरुप अध्यापन विडियो तैयार कर शिक्षक छात्र ग्रुप मे विडियो शेयर किया जाता है।वर्तमान आधुनिकता के समय में अनेकों शिक्षा से संबंधित विडियो यु-ट्यूब व अन्य एप के माध्यम उपलब्ध है।
इस नवाचार से पालकों व समुदाय की सहभागिता इसलिए बढ़ रही की पालकों के बच्चे जिस स्कूल में पढ़ रहें हैं वहां के शिक्षकों के द्वारा बच्चों के अधिगम स्तर अनुरुप अध्यापन विडियो बनाकर बच्चों तक पहुंचा रहें हैं और कही अध्यापन मे समस्या व समझ की आवश्यकता पढ़ती है तब छात्र किसी समय व्हाटसप ग्रुप से या ब्यक्तिगत नंबर संपर्क कर उसका समाधान किया जाता है इससे शिक्षक -पालक और छात्र सतत् संपर्क में रहकर अध्यापन कार्य संचालित किया जा रहा है।
इस नवाचारी को जिला प्रमुख समन्वयक श्री उमेश कुमार रस्तोगी, विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री केके बंजारे, विकास खंड श्रोत समन्वयक श्री हिरेन्द्र कुमार बेहार व विकासखंड प्रभारी स्वीकृति मंच बम्हनीडीह श्री उमेश कुमार दुबे जी ने कहा कि स्वीकृति मंच संचालन समिति संकुल समिति व उत्साही नवाचार शिक्षकों द्वारा छात्रों के भविष्य के लिए व कोरोना काल की भरपाई इस नवाचार के माध्यम से की जा रही है जो अद्वितीय अभिनव पहल है।

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