शिवपुरी कोरोना कंट्रोल होते ही सरकार ने 6 से 8 तक के स्कूल तो खोल दिए पर छात्रों को पका हुआ मध्यान्ह भोजन देने पर कोई निर्णय न होने के कारण छात्रों को निराश होना पड़ा। भले ही स्कूलों में अभी 25 से 30 प्रतिशत उपस्थिति रही हो, लेकिन जल्दी ही स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति 50 प्रतिशत हो जाएगी। अभी भी जो छात्र स्कूल आ रहे हैं वह मध्यान्ह भोजन के भरोसे आते हैं, लेकिन स्कूलों में फिलहाल इसकी कोई व्यवस्था नहीं होने से छात्रों को परेशानी आ रही है।
ऐसे में शाला प्रबंधन की समय से पहले छुट्टी करना मजबूरी हो जाती है। क्योंकि मिडिल स्कूलों में छात्र 3 से 5 किलोमीटर की दूरी से पढ़ने आते हैं। गौरतलब है कि मध्याह्न भोजन स्कूलों में नहीं मिलने पर दोपहर का भोजन करने के लिए बच्चे घर जाते हैं।
जिसमें कई बच्चे देर से लौटते हैं तो कुछ घर से लौटते ही नहीं है। जिसके चलते शिक्षकों का सिरदर्द बना हुआ है। जिला पंचायत में एमडीएम प्रभारी सीमा उपाध्याय का कहना था कि इस बारे में अभी राज्य स्तर से पका हुआ भोजन देने सम्बन्धी कोई आदेश नहीं आया है। अभी तो छात्रों को गेहूं चावल दिया जा रहा है, लेकिन हकीकत में मिडिल स्कूलों में 8 माह से खाद्यान्न वितरण ही नहीं हुआ है।
दिसंबर से अभी तक उचित मूल्य की दुकानों पर नहीं आया खाद्यान्न
उचित मूल्य दुकान प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता के अनुसार मिडिल स्कूल के लिए दिसंबर से अभी तक गेहूं, चावल दुकान पर आया नहीं है। वहीं जनपद शिक्षा केन्द्र पिछोर में एमडीएम प्रभारी महेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार जिला स्तर से एमडीएम की लिस्ट जारी हो गई है, लेकिन अभी तक खाद्य विभाग से दुकानों तक खाद्यान्न नहीं पहुंचा है, जल्दी ही पहुंचेगा की बात कह रहे हैं। इसी के चलते स्कूलों पर न तो सूखा खाद्यान्न बच्चों को नसीब हो रहा है और न ही पका हुआ भोजन मिल पा रहा है। इसलिए अधिकांश बच्चे स्कूल आने में भी रुचि नहीं रख रहे हैं।
लंच के समय भोजन करने घर जा रहे हैं बच्चे
स्कूल खोलने के बाद स्कूलों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन नहीं मिल रहा इसलिए बच्चे लंच के लिए परेशान हो रहे हैं। शिक्षकों के अनुसार बच्चे मिड-डे मिल नहीं मिलने के चलते लंच करने के लिए घर जाते हैं। इसमें कई बच्चे भोजन करके देर में लौटते हैं तो कई लौट कर ही नहीं आते हैं।
इसके चलते शिक्षा पर बहुत ही खराब प्रभाव पड़ रहा है। वहीं जिम्मेदार अधिकारी सूखा खाद्यान्न मिलने की बात कह रहे हैं। हालांकि समूह संचालक पका हुआ भोजन देने के लिए तैयार हैं। जैसे ही आदेश मिलेगा छात्रों को पका हुआ भोजन मिलने लगेगा।
छात्र बोले- एमडीएम चालू होने चाहिए
स्कूलों में छात्रों को भेजने की सहमति देने आए पालक आशाराम परिहार, मनोज, दीपक साहू , विनोद लोधी ने कहा जब छात्र स्कूल आ रहे हैं तो दोपहर में खाना मिलना चाहिए। छात्र बिना भोजन के 4 बजे तक कैसे रुकेंगे।
मध्याह्न भोजन मिले
कक्षा 8 के छात्र शाविरी, प्रवेश सेन, ईशु साहू ने कहा स्कूल में आकर पढ़ाई भी की और इस तरह से पढ़ाई करना अच्छा लगा। हम रोज स्कूल आने को तैयार हैं, लेकिन हमें मध्याह्न भोजन मिलना चाहिए।
मैं दिखवा लेता हूं
प्राथमिक विद्यालयों के लिए वेयर हाउस से सीधा सूखा राशन गेहूं चावल भेजा जाता है। किन स्कूलों में नहीं मिल रहा है आप मुझे बता दें, मैं उन्हें दिखवा लेता हूं। -पीसी चन्द्रवंशी, असिस्टेंट फूड इंस्पेक्टर पिछोर

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