बिर्रा जांजगीर-चांपा:-
राष्ट्रीय शिक्षा विभाग और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित बेबिनार शिविर में जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कौशिक जी ने कहा कि रायपुर रायगढ़ धमतरी जांजगीर चांपा आदि जिले से जुड़े हुए शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए सभी साथियों अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं उन सभी साथियों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के श्री गिरधर जी जिन्होंने इस क्षेत्र में काम किया है और उन्होंने एक लेख लिखा है *"साधारण लोग, असाधारण शिक्षक भारत के असल नायक"* शिक्षा के गुणवत्ता के लिए बहुत ही उपयोगी है इन्होंने शिक्षकों के कार्य को बहुत करीबी से देखा है और पाया कि कठिन परिस्थितियों में भी पाया कि साधारण व्यक्ति असाधारण कार्य कर सकते हैं। वास्तव में बच्चा से जुड़ा हुआ हमारा शिक्षक ही होता है बच्चों में शिक्षा का प्रकाश या उनके गुणवत्ता सुधार के लिए कोई काम करना है तो शिक्षक ही बेहतर ढंग से कार्य कर सकते हैं। शिक्षा का ज्ञान देना ही सबसे बड़ा कार्य होता है उससे बड़ा कोई होता नहीं।और ये काम हमारे शिक्षक करते हैं। आगे उन्होंने कहा सबसे पहले तो हमें सकारात्मक होना पड़ेगा सकारात्मक सोच सबसे ज्यादा जरूरी होता है।सफलता के तीन मंत्र होते हैं दृढ निश्चय, कठिन परिश्रम और आत्म विश्वास।साथ ही जीवन में स्वच्छता जरूरी है।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन विश्वविद्यालय के वर्तमान चीफ आपरेटिव्ह आफीसर बेंगलुरु श्री एस गिरधर जी सभी को शिक्षक दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम सब साधारण लोग हैं लेकिन हमारे पास जिम्मेदारी आ जाती है तो हम उसे कितने अच्छे तरीके से कर पाते हैं वो उन्हें असाधारण बनाते हैं। हमारे भारत के सैंकड़ों टीचर्स के लिए मेरी किताब "साधारण लोग, साधारण शिक्षक-भारत के असल नायक"उनको समर्पित है। सबसे पहले हमें अपने स्कूलों से जुड़ाव रखना चाहिए। अनुशासन किसी भी सफलता का पहली सीढ़ी है।शिक्षक अधिक से अधिक समय कक्षा में बच्चों को सीखने में सक्रिय रख पढ़ना लिखना विषयों की जानकारी बचाकर छात्रों में बेहतर समझ विकसित करते हुए पठन पाठन में आवश्यक क्षमता विकास करना विभिन्न दक्षताओं के विकास के लिए सामग्रियों की मैपिंग प्रतिदिन क्या सीखें अभ्यास कराना विभिन्न दक्षताओं पर सामग्री निर्माण कर शालाओं तक अभ्यास के लिए सोशियल मीडिया से पहुंचाना साथ ही शिक्षकों की क्षमता का भी विकास होगा। आगे उन्होंने प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि बच्चों में प्राथमिक स्तर पर पठान लेखन कौशल और मूलभूत गणितीय कौशल विकास मिडिल स्कूल स्तर पर हिंदी एवं अंग्रेजी में पठन कौशल सृजनात्मक लेखन कौशल गणित विषय में दक्षता बढ़ाना विज्ञान में प्रयोगों का प्रदर्शन एवं सामाजिक अध्ययन में विभिन्न प्रोजेक्ट कार्यों का कराना हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्तर पर हिंदी अंग्रेजी में पढ़ने में रुचि के साथ समझ विकसित करना लेखन कौशल विकास विज्ञान के विभिन्न विषयों में प्रयोग गणित अवधारणाओं की समझ विकसित करना यह कार्यक्रम के माध्यम से संचालित करने चाहिए समय सीमा का पालन अवश्य करें।
बेबिनार शिविर का सफल संचालन अर्चना मेम जी ने किया।बेबिनार में विकास खंड-बम्हनीडीह से बीआरसी एच के बेहार, शैक्षिक समन्वयक रामशंकर पांडे,शैलेन्द्र तिवारी,धीरज तंबोली,राजेश कंवर, महेश रत्नाकर, विश्वनाथ कश्यप, पीएलसी प्रभारी सेमरिया उमेश कुमार दुबे आदि शिक्षक शिक्षिकाओं उपस्थित हुए।

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