शिवपुरी किताबों से वैसा प्रेम करिए जैसा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाल गंगाधर तिलक करते थे। उनसे एक बार कहा गया क्या आप नरक चले जाओगे, तो जवाब में तिलक ने कहा था मैं यदि नरक गया तो साथ में किताबें ले जाऊंगा और उससे उपजे ज्ञानार्जन की रोशनी से नरक भी स्वर्ग बन जाएगा इसलिए किताबों को अपना मित्र बनाइए, पढ़ाई करिए। यह बात शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित किए गए शिक्षक सम्मान समारोह के अवसर पर सेवानिवृत्त उप प्राचार्य और शिक्षाविद एमएस द्विवेदी ने सम्मान ग्रहण करने के दौरान मौजूदा छात्र छात्राओं से कही।
उन्होंने कहा कि बाल्यकाल में जो बच्चे अपना समय शिक्षा ग्रहण करने में लगाते हैं, वही विद्यार्थी भविष्य में सफलता पाते हैं इसलिए बचपन से ही किताबों को इतना पढ़ो की दूसरी ओर आप का मन ही न लगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने कहा कि हर व्यक्ति का अपना आईक्यू होता है। अल्बर्ट आइंस्टीन का आईक्यू 130 था। और आईक्यू बाई बर्थ आता है। इसे घटाया बढ़ाया नहीं जा सकता। शिक्षक विद्यार्थी के आईक्यू को सही दिशा देने का कार्य करता है इसीलिए शिक्षक समाज में सम्मान प्राप्त करता है।
विद्यालय प्राचार्य विवेक श्रीवास्तव ने आयोजन के दौरान बताया कि वह इसी विद्यालय के छात्र रहे,यहां शिक्षक बने और आज इसी विद्यालय के प्राचार्य हैं। उत्कृष्ट विद्यालय में प्रवेश के लिए छात्रों की मारामारी इसलिए रहती है, क्योंकि यहां बेहतर शिक्षक हैं और बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक संस्कार दिए जाते हैं इसीलिए स्कूल का नाम उत्कृष्ट विद्यालय है। कार्यक्रम का संचालन संयोजक स्वाति बांझल ने किया। इस अवसर पर स्मृति प्रतीक और शॉल, श्रीफल भेंट कर सेवानिवृत्त प्राचार्य शिक्षाविद एमएस द्विवेदी के साथ मौजूदा अतिथियों का सम्मान स्कूल प्रबंधन ने किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय छात्र-छात्राओं द्वारा कई प्रस्तुति दी गईं जो आकर्षण का केंद्र रहीं।
एसपी बोले- जीवन में ऐसी सफलता हासिल करो कि लोग आपका सम्मान करें: अपने संबोधन के दौरान मुख्य अतिथि एसपी राजेश सिंह चंदेल ने कहा कि बच्चों जीवन में सफलता हासिल करने के लिए गोल तय करना आवश्यक है। जब तक आप गोल का निर्धारण नहीं करेंगे तब तक सफल नहीं होंगे इसलिए इस उम्र में सफलता हासिल करने सही प्रयास कर शिक्षकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को अपना अस्त्र बनाया तो जीवन में सफलता मिल जाती है। एक बार जिसे जीवन में सफलता मिल जाती तो फिर लोग उसे समाज में आइडल भी मानते हैं। आप भी अपनी पहचान ऐसे बनाइए कि आप के साथ-साथ स्कूल, शहर और माता-पिता का नाम भी रोशन हो।
समाज के निर्माता होते हैं शिक्षक: तरुण
शिवपुरी-शिक्षक दिवस पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह के आयोजन के दौरान नवदुर्गा सांस्कृतिक समारोह मण्डल अध्यक्ष तरुण अग्रवाल ने उपस्थित शिक्षकों का सम्मान करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माता, मार्गदर्शक, पथ प्रदर्शक, समाज की धुरी होते हैं। स्वस्थ समाज का निर्माण शिक्षक की मेहनत से ही होता है। शिक्षकों का माल्यार्पण श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर कार्यक्रम संयोजक संदीप वशिष्ठ एड., कार्यक्रम संचालक राजेश गोयल, कोषाध्यक्ष हृदयेश गोयल संगम अग्रवाल, राज शर्मा, दीपा बंसल, शशांक अग्रवाल, वीरेन्द्र शर्मा सहित सभी सदस्यों ने शिक्षकों का स्वागत किया। विद्यालय प्राचार्य एमपीएस यादव ने नवदुर्गा सांस्कृतिक समारोह मंडल का आभार ज्ञापित करें। विद्यालय की ओर से आभार राजीव श्रीवास्तव और संस्था की ओर से दीपा बंसल द्वारा व्यक्त किया गया।
वात्सल्य समूह ने किया शिक्षकों का सम्मान
समाजसेवी संस्था वात्सल्य समूह शिवपुरी द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर होटल पीएस रेजीडेंसी में बैठक कर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया। अध्यक्ष दिनेश जैन, महासचिव संजीव जैन ने बताया कि मासिक बैठक का शुभारंभ संस्थापक अध्यक्ष पवन जैन, संस्थापक सचिव अजय जैन, पूर्व अध्यक्ष डाॅ दिलीप जैन ने किया। बैठक में उपस्थित वरिष्ठ शिक्षक अजय जैन, रिषभ जैन, जगदीश प्रसाद जैन, कोमल जैन, संजीव जैन, मनीष जैन, कल्याण जैन सहित सभी शिक्षकों नेे शिक्षक दिवस पर अपने-अपने अनुभव के साथ अपना-अपना वक्तव्य दिया गया। सभी शिक्षकों को माल्यार्पण कर शाल, श्रीफल द्वारा सम्मानित किया गया इस अवसर पर वात्सल्य समूह शिवपुरी के मनीष जुली, मंत्रकुमार जैन, मनीष जैन, अभिनंदन जैन, पंकज जैन, राजेन्द्र जैन, रविकांत जैन, राकेश जैन, सुमित जैन सहित सभी सदस्य उपस्थित थे।
पिव महिला कांग्रेस ने किया शिक्षकों का सम्मान
कांग्रेस कार्यालय पर पिछड़ा वर्ग महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिवानी राठौर द्वारा शिक्षक मधुसूदन चौबे, शिवा पाराशर, संदीप शर्मा, मोनू रजक को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीप्रकाश शर्मा जिला अध्यक्ष कांग्रेस ने की। मुख्य अतिथि मधुसूदन चौबे ने जीवन में पैसा कमाना ही सब कुछ नहीं होता। समाज से हमने सब कुछ अर्जित किया है,वह समाज के जरूरतमंद लोगों को हमारे द्वारा प्रदान किया जाना चाहिए। शिवा पाराशर ने बताया जीवन में सफल बनने के लिए गुरु का होना बहुत आवश्यक है। हम किसी से जो कुछ भी सीखते हैं वह हमारे शिक्षक ही होते हैं और जो कुछ भी हमने शिक्षकों से सीखा होता है वह हमें दूसरों को सिखाना चाहिए। सफल संचालन राजेश बिहारी पाठक द्वारा किया गया।इस अवसर पर मोहित अग्रवाल,रक्षा ओझा, राजकुमारी शर्मा, प्रिया शिवहरे कमलेश जाटव, मालती कुशवाह सहित कई महिलाएं मौजूद रही।

0 टिप्पणियाँ