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डेंगू 1400+:प्लेटलेट्स बढ़ाने वाले बकरी के दूध, कीवी और नारियल पानी के दाम बढ़े

 


ग्वालियर शहर में डेंगू के मामले बढ़कर 1400 पार हाे गए हैं। गुरुवार काे 138 सैंपल की जांच में 56 लोगों काे डेंगू हाेने की पुष्टि हुई। इनमें 45 मरीज ग्वालियर के रहने वाले हैं अाैर 37 की उम्र 18 साल से कम है। इस तरह गुरुवार काे मरीजाें की कुल संख्या 1411 हाे गई। डेंगू से अभी तक 5 बच्चाें की माैत हाे चुकी है। डेंगू के मरीजों में प्लेटलेट तेजी से कम होते हैं। डाॅक्टराें का मानना है कि बकरी का दूध, कीबी फल और नारियल का पानी मरीज को देने से प्लेटलेट बढ़ जाते हैं। इस कारण जहां इनकी डिमांड बढ़ी है तो वहीं इनके दाम भी बढ़ गए हैं।

नगर निगम ने गुरुवार को विभिन्न वार्डों में फॉगिंग और कीटनाशक का छिड़काव किया। वाटर कैनन व्हीकल से भी दवा छिड़की गई। एंटी लार्वा सर्वे में 58 जगहों पर लार्वा मिला। सभी के ऊपर जुर्माना लगाकर 7250 रुपए वसूले गए। जवाहर कॉलोनी में कूलर एवं पानी की टंकी में गंदा पानी मिलने पर 200 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

250 रुपए लीटर तक बिक रहा बकरी का दूध

नारियल पानी- पहले 40 रुपए में बिकने वाला नारियल अब 50 से 60 रुपए में िबक रहा है। विक्रेताअाें का कहना है कि डिमांड बढ़ने के कारण दाम अाैैर बढ़ सकते हैं।

बकरी का दूध- पहले 50 से 60 रुपए प्रति लीटर आसानी से मिल जाता था। डेंगू के मरीज बढ़ने के कारण अब बकरी का दूध 200 से 250 रुपए लीटर तक बिक रहा है। कई जगह तो 300 रुपए तक लीटर तक दूध बिक रहा है।

कीवी- एक पैकेट कीवी बीते माह 400 रुपए का बिक रहा था जो अब 800 रुपए का मिल रहा है। कीवी का एक फल 40 से 50 रुपए में मिल रहा है। पहले यह 25 रुपए में मिल रहा था।

पपीते के पत्तों का रस भी बढ़ाता है प्लेटलेट

डेंगू पीड़ित मरीजों को बकरी का दूध, पपीते के पत्तों का रस, कीवी फल और नारियल पानी का सेवन करना चाहिए। ये प्लेटलेट बढ़ाने में सहायक होते हैं। डेंगू का आयुर्वेद में भी इलाज है।
-डॉ. रीतेश वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ आयुर्वेद कॉलेज आमखो

दिमागी बुखार के 3 मरीजों के सैंपल जांच के लिए आए

जयारोग्य चिकित्सालय में भर्ती होने वाले दिमागी बुखार के मरीजों के सैंपल की जांच वायरोलॉजीकल लैब में करने के आदेश डीन डॉ. समीर गुप्ता ने जारी किए थे। पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती दिमागी बुखार के तीन बच्चों के सैंपल जांच के लिए गुरुवार को लैब में भेजे गए। इनकी जांच शुक्रवार को होगी। लैब के नोडल अधिकारी डॉ. वैभव मिश्रा का कहना है कि लैब में तीन सैंपल आए हैं, जिनकी जांच कर दिमागी बुखार के कारणों का पता लगाया जाएगा

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