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शिवपुरी : सीएमओ ने वित्तीय अधिकार से अधिक का किया भुगतान, संयुक्त संचालक की जांच में पाया दोषी

 


ढाई साल बाद संयुक्त संचालक ने आयुक्त को सौंपा जांच प्रतिवेदन। 

 बैराड़ सीएमओ अजीज खान द्वारा विजयपुर नगरपालिका में करोड़ों रुपये किए भ्रष्टाचार का मामला। 

बैराड़। ढाई साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन ग्वालियर ने अपना जांच प्रतिवेदन प्रकरण 24/2019 में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल को सौंप दिया है। जांच में बैराड सीएमओ अजीज खान को विजयपुर सीएमओ के कार्यकाल में भ्रष्टाचार कर के दौरान वित्तीय अधिकारों से अधिक का भुगतान करने के मामले में दोषी पाया गया है। संयुक्त संचालक द्वारा सौंपे गए जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया है कि पेयजल परिवहन हेतु दो जोन बनाए गए जिसका काम भारद्वाज ट्रेडिंग कंपनी को मिला। उक्त काम के ऐवज में 21.04.2017 को जारी कार्यादेश में निकाय द्वारा जारी कर दोनों जोन हेतु अनुमानित व्यय का आंकलन पाँच-पाँच लाख रुपए वार्षिक निर्धारित किया गया। उक्त कार्य के ऐवज में पीआईसी प्रस्ताव के आधार पर तत्कालीन सीएमओ अजीज खान, अध्यक्ष रिंकी प्रदीप गोयल और उपयंत्री अभय प्रताप सिंह चौहान द्वारा संबंधित कंपनी को निर्धारित सीमा से अधिक का भुगतान कर दिया। उक्त भुगतान की प्रक्रिया को संयुक्त संचालक द्वारा जांच में पूर्णत: अवैध ठहराया है। जांच में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि मप्र नगर पालिका (प्रेसीडेन्ट-इन-काउंसिल के कामकाज का संचालन तथा प्राधिकारियों की शक्तियों एवं कर्तव्य) नियम 1998 के नियम 5 के अनुसार मात्र 10 लाख तक के भुगतान करने का वित्तीय अधिकार प्राप्त हैं।

वित्तीय अधिकार के विरूद्ध कंपनी को पहुंचाया 66 लाख से अधिक का लाभ

सीएमओ अजीज खान ने अध्यक्ष और उपयंत्री के साथ मिलकर भ्रष्टाचार कर पीआईसी प्रस्ताव का हवाला देकर कंपनी को जोन क्रमांक 1 में दिनांक 05.12.2017 को 5 लाख रुपए, 15.02.2018 को 5 लाख रुपए, 07.05.2018 को 3 लाख रुपए और 24.03.2019 को 21 लाख 90 हजार 464 रुपए कुल 34 लाख 90 हजार 464 रुपए का भुगतान किया गया जबकि उक्त जोन की वार्षिक 5 लाख रुपए व्यय करने की अनुमानित राशि निर्धारित की गई थी। इसी प्रकार से जोन क्रमांक 2 में 30.06.2017 को 43,90,44 रुपए, 15.02.2018 को 10 लाख, 07.5.2018 को 3 लाख रुपए और 23.02.2019 को 24,27,850 रुपए कुल 41 लाख 66 हजार 894 रुपए का भुगतान कर दिया गया। इस प्रकार से दोनों जोन में करीब 66 लाख 57 हजार 358 रुपए का भुगतान वित्तीय अधिकार के विरूद्ध पाया गया।

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नियम विरूद्ध ढंग से की गई जल प्रदाय सामग्री की खरीददारी

तत्कालीन सीएमओ अजीज खान द्वारा मोटर पंपों में 2 इंची टीटीएस पाइपों की खरीद नई निविदा आमंत्रण ना करते हुए भ्रष्टाचार कर पूर्व स्वीकृत दरों पर ही कर दी थी, जिसे जांच में गलत पाया गया। संयुक्त संचालक द्वारा जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया कि लेखा नियम 2018 प्रचलित थे, तत्कालीन सीएमओ श्री खान द्वारा लेखा नियम 2018 के नियम 120 एवं 121 के अंतर्गत निविदायें आमंत्रित नहीं की गई। इसी प्रकार तत्समय सामग्री क्रय हेतु प्रचलित विभागीय नियमों के अनुसार ऐसी सामग्री का क्रय जो जैम पोर्टल पर उपलब्ध हो उसका क्रय जैम पोर्टल के माध्यम से किया जाना अनिवार्य होने के उपरांत भी श्री खान द्वारा भ्रष्टाचार कर कुटेशन के आधार पर विभिन्न फर्मों से कार्य किया जाना पाया गया,जो नियमों के विरूद्ध है।

सीएमओ के समयमान वेतनमान के दस्तावेजों को संयुक्त संचालक ने किया वापस

संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास ग्वालियर कार्यालय द्वारा बैराड सीएमओ श्री खान द्वारा प्रस्तुत किए गए समयमान वेतनमान के दस्तावेजों को वापस भेजा दिया। इस बात का खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता व राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के जिला अध्यक्ष माखन सिंह धाकड़ द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन के माध्यम से मांगी गई जानकारी के जबाव में संयुक्त संचालक कार्यालय से स्पष्ट किया गया है कि उक्त प्रकरण में इस कार्यालय द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिलेखों पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई एवं तत्समय में प्राप्त अभिलेख संबंधित सीएमओ अजीज खान के मूलत: वापिस कर दिए गए हैं

इनका कहना है

आयुक्त नगरीय प्रशासन भोपाल द्वारा सम्बन्धित मामले में जांच सौंपी है जांच में सम्बन्धितो को दोषी पाया गया है। मैंने जांच प्रतिवेदन दण्डात्मक कार्रवाई हेतु आयुक्त नगरीय प्रशासन को सौंप दिया गया है। 

 राजेंद्र श्रीवास्तव संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन ग्वालियर

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