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आदिवासी सामाज छत्तीसगढ़ की पहचान - गगन जयपुरिया

आदिवासी समाज के पारम्परिक हथियार तीर - धनुष के साथ गगन जयपुरिया

बम्हनीडीह- ग्राम पंचायत में खपरीडीह में विश्व आदिवासी दिवस बड़ी धूम धाम से मनाया गया। खपरीडीह में आदिवासी समाज की ओर से भारत माता चौक परिसर में सभा का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में सभापति गगन जयपुरिया और विशिष्ट अतिथि के रूप में बम्हनीडीह थाना प्रभारी  सुनीता बंजारे , आशीष तिवारी , सोनू जायसवाल उपस्थित थे। अध्यक्षता ग्राम पंचायत की  सरपंच सेवती राजेंद्र राज ने की।   सबसे पहले  भारत माता , संतोषी माता और आदिवासी समाज के  पारम्परिक हथियार तीर - धनुष की पूजा और आरती की गई।  उसके बाद अतिथियों द्वारा समाज को सम्बोधित किया गया।


इस सभा को गगन जयपुरिया ने  संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी सामाज छत्तीसगढ़ की पहचान है, समाज की संस्कृति इस राज्य की धरोहर है जिसे संजोकर रखना है। यह आदिवासियों की एक परम्परा है। इसे आज के दिन पूरे विश्व भर में मनाया जाता है। कोई भी नशा प्रत्येक समाज और परिवार के पतन का कारण है इसलिए हमें नशे एवं अन्य बुरी आदतों से हमेशा दूर रहना चाहिए। आदिवासी समाज के लिए ये बहुत गौरव का विषय है देश की प्रथम नागरिक एक आदिवासी महिला है। गगन जयपुरिया ने कार्यक्रम स्थल में जगह की कमी को देखते हुए गाँव वालो की मांग पर 2 लाख रूपये की लागत से एक छतदार चबूतरा की भी घोषणा की। थाना प्रभारी बंजारे ने महिलाओं में  बढ़ते अपराध से बचाव और जागरूकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़ हिस्सा लिय।
(कार्यक्रम में उपस्थित आदिवासी समाज के लोग
)

बच्चो ने पारम्परिक वेश-भूषा में आंचलिक गानो पर नृत्य किया। उसके बाद सभी लोग प्रसाद और स्वल्पाहार लेकर अपने अपने घर को वापस गए। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से फिरतराम धनुहार ,धनीराम धनुहार ,अमृतलाल,राजेश,भारतीलाल , सोहन , संजय, सहोदरा बाई, लगनी बाई , धनबाई , साहाबाई एवं बड़ी संख्या में सामाज के महिला -पुरुष, बच्चे  उपस्थित थे। अन्य समाज से गजानंद वस्त्रकार  , उपसरपंच सीताराम जायसवाल उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रामायण वस्त्रकार ने किया।

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